मथुरा: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा है जो लोग संशोधित नागरिता कानून (सीएए) के बारे में जानने के बाद भी इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं वे मानसिक रोगी हैं और उन्हें अपना इलाज कराने की जरूरत है. दिल्ली के शाहीन बाग के समान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी महिलाएं CAA और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ धरने पर बैठी हुई हैं. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

मौर्य ने वृन्दावन में संवाददाताओं से कहा से कहा कि नागरिकता कानून का विरोध करने वाले सब कुछ जानकर भी अनजान बनने का प्रयास कर रहे हैं, या फिर उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है. इसके लिए उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाना चाहिए और ठीक तरह से अपना इलाज कराना चाहिए. उप मुख्यमंत्री रविवार को यहां ब्रज के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपयों की लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने एवं बांकेबिहारी तथा अन्य मंदिरों व आश्रमों में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे. Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी पवनहंस के हेलीपैड पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में मौर्य ने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के लिए यहां आए हैं. उन्होंने दिल्ली के समान लखनऊ में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महिलाओं द्वारा शुक्रवार की नमाज के बाद से बच्चों सहित धरना प्रारंभ करने के सवाल पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि जो लोग सीएए कानून का विरोध कर रहे हैं, वे सब कुछ जानकर भी अनजान बनने की कोशिश कर रहे हैं. क्योंकि, सब जानते हैं कि यह कानून नागरिकता छीनने का नहीं, नागरिकता देने के संबंध में बनाया गया है.’’ Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वे इस प्रकार से दिखा रहे हैं कि यह कानून नागरिकता छीनने के लिए बनाया गया है. इससे स्पष्ट होता है कि वे जानकर अनजान बन रहे हैं या फिर उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है. इसलिए उन्हें अच्छे डॉक्टर से मिलना चाहिए और भली प्रकार से इलाज कराना चाहिए.