लखनऊ: देश भर में बुद्ध पूर्णिमा का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. पूर्णिमा के मौके पर इलाहाबाद के त्रिवेणी संगम में बड़ी संख्‍या में भक्तों ने पवित्र डुबकी लगाई. साथ ही पूजा-पाठ कर मनौतियां भी मांगी. इलाहाबाद में गंगा, यमुना और पवित्र सरस्वती नदी के संगम पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. इसके अलावा वाराणसी और मिर्जापुर में विध्‍यांचल मंदिर में भी पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी हुई है. Also Read - मध्यप्रदेश से बाहर के भक्तों को अब उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में नहीं मिलेगा प्रवेश, सोमवार से लगेगी पाबंदी

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सोमवार को बैशाख महीने की पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु संगम नगरी में डुबकी लगाते हैं. इस दौरान भक्‍तों की भीड़ को देखते हुए इलाहाबाद के जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं. स्नान के लिए प्रदेश और देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इलाहाबाद पहुंच रहे हैं. संगम में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर गरीब असहाय लोगो को भोजन कराकर पुण्य अर्जित देश में सुख शांति की कामना की. इसके अलावा श्रद्धालुओं ने बड़े हनुमान जी आदि मंदिरों के दर्शन किए. इसके अलावा वाराणसी में सारनाथ में भी बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु पहुंचे. इसके अलावा पूर्णिमा के मौके पर मिर्जापुर जिले में विन्‍ध्‍यांचल धाम में माता के मंदिर में दर्शन के लिए भक्‍तों का तांता लगा हुआ है.

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जानें इलाहाबाद में संगम का महत्‍व

इलाहाबाद में पवित्र संगम भारत की तीन पवित्र नदियों की मिलन स्थली है. त्रिवेणी संगम इसका आधिकारिक नाम है और यहां गंगा, जमुना और लोककथाओं के अनुसार सरस्वती नदी आपस में मिलती है. ऐसा माना जाता है कि सरस्वती नदी जमीन के अंदर समा गई है. यह जगह हिन्दू और पंडितों द्वारा काफी पवित्र समझा जाता है. ऐसा माना जाता है कि पवित्र संगम में डुबकी लगाने से सारे बुरे कर्म धुल जाते हैं और मनुष्य पुनर्जन्म की प्रक्रिया से भी मुक्त हो जाता है. यहां हर 12 साल में एक बार कुंभ मेला लगता है. यहां हर 6 साल बाद अर्धकुंभ का आयोजन भी किया जाता है. इसके अलावा हर साल जनवरी में यहां माघ मेला लगता है.