लखनऊ: अयोध्या में विहिप की धर्म संसद के आयोजन को लेकर नव निर्मित प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने आज उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात कर राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में ज्ञापन सौंपा. गवर्नर राम नाइक से उन्होंने आग्रह किया कि वे सरकार को स्थिति पर नियंत्रण करने का निर्देश दें और ऐसा नहीं हुआ तो राज्यपाल राज्य सरकार को बर्खास्त करने के लिए केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भेजे. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, हमें या तो आदेश की प्रतीक्षा करनी चाहिए या आम सहमति से राम मंदिर को सरयू नदी के किनारे किसी अन्य स्थान पर बनाया जा सकता है. Also Read - अयोध्या: आखिकार तंबू से निकलेंगे रामलला, फाइवर के मंदिर में होंगे शिफ्ट

शिवपाल यादव ने गवर्नर हाउस से निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने राज्य की क़ानून व्यवस्था को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है. शिवपाल ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से कहा कि अयोध्या में भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं जबकि वहां निषेधाज्ञा लागू है वो सरकार को स्थिति पर नियंत्रण करने का निर्देश दें. राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने शिवपाल कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी कार्यालय से राजभवन तक पैदल ही गए. उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मांग की गई है कि कानून व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखी जाए.

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शिवपाल ने कहा कि 1992 में एक घटना हुई थी.  बता दें कि 1992 में समाजवादी पार्टी ही प्रदेश की सत्ता में थी और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री कार सेवकों द्वारा विवादास्पद ढांचा गिराए जाने के बाद बेकाबू हुए हालात में तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाने का आदेश दिया था. शिवपाल ने कहा कि हमने राज्यपाल से निवेदन किया है कि वह सरकार को स्थिति पर नियंत्रण करने का निर्देश दें और ऐसा नहीं हुआ तो राज्यपाल राज्य सरकार को बर्खास्त करने के लिए केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भेजे. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सी पी राय ने बताया कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वह खुद स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. राय ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने राजभवन के गेट पर धरना भी दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. (इनपुट एजेंसी)

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