Dhirendra Singh: 2011 में राहुल गांधी को बाइक पर बिठाकर आंदोलन कर रहे किसानों के गांव ले गए थे धीरेंद्र सिंह

कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले धीरेंद्र सिंह आज जेवर में भाजपा का चेहरा हैं. धीरेंद्र सिंह ही वह शख्स हैं, जो 2011 में राहुल गांधी को अपनी बाइक पर बिठाकर ग्रेटर नोएडा के भट्टा परसौल में आंदोलन कर रहे किसानों के गांव में ले गए थे. जानें धीरेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर, एजुकेशन, पर्सनल लाइफ, सैलरी और नेट वर्थ

Published: January 19, 2022 4:02 PM IST

By Digpal Singh

Dhirendra Singh: 2011 में राहुल गांधी को बाइक पर बिठाकर आंदोलन कर रहे किसानों के गांव ले गए थे धीरेंद्र सिंह

Dhirendra Singh Profile: धीरेंद्र सिंह पश्चिमी एनसीआर में आने वाले उत्तर प्रदेश के जेवर क्षेत्र (Jewar Assembly Constituency) के नेता हैं. कांग्रेस (Congress) से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले धीरेंद्र सिंह आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक हैं. स्थानीय लोगों में धीरेंद्र सिंह की छवि काफी अच्छी है. उनके क्षेत्र के लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याएं लेकर भी उनके पास पहुंचते हैं और धीरेंद्र सिंह सबको उचित समय देते हैं. यहां तक कि नोएडा और दादरी क्षेत्र के लोग भी उनके पास अपनी समस्याएं लेकर जाते हैं. हालांकि, यह क्षेत्र उनके विधानसभा क्षेत्र में नहीं आते, फिर भी वह उनके पास आए लोगों की यथासंभव मदद करते हैं. उनके विधानसभा क्षेत्र में ही देश का सबसे बड़ा जेवर एयरपोर्ट (Noida International Airport, Jewar) बन रहा है, जिसका साल 2021 के अंतिम दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शिलान्यास किया है. धीरेंद्र सिंह के व्यक्तिगत जीवन, एजुकेशन और राजनीतिक सफर के बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है

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धीरेंद्र सिंह का व्यक्तिगत जीवन और पढ़ाई लिखाई (Dhirendra Singh’s Personal Life and Educational Qualification)

ठाकुर धीरेंद्र सिंह का जन्म 1 नवंबर 1966 को गौतमबुद्ध नगर जिले के रबुपुरा कस्बे में हुआ था. उनके पिता का नाम ठाकुर हीरी सिंह और मां का नाम शांति देवी है. वह एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं और उनका परिवार पॉलिटिक्स से भी जुड़ा रहा है. धीरेंद्र सिंह ने साल 1988 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले बुलंदशहर के डीएवी (पीजी) कॉलेज से इतिहास में एम.ए किया. उनकी पत्नी का नाम ऊषा सिंह सिंह है और वह एक गृहणी हैं.

धीरेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर (Political Career of Dhirendra Singh)

धीरेंद्र सिंह ने अपने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख लिया था. बाद में वह कांग्रेस में कई पदों पर रहे. साल 2011 में ग्रेटर नोएडा के भट्टा परसौल में किसानों के आंदोलन के दौरान धीरेंद्र सिंह अचानक मीडिया के कैमरों पर छा गए. धीरेंद्र सिंह ही वह शख्स थे जो उस समय पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर गांव तक ले गए थे. जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसान वहां जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे. धीरेंद्र सिंह ने भारत में जमीन अधिग्रहण कानून में बदलाव के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी. साल 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें अपना प्रत्याशी भी बनाया, लेकिन वह बहुत कम अंतर से चुनाव हार गए. इसके बाद साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले वह कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. बीजेपी ने उन्हें जेवर से उम्मीदवार बनाया और धीरेंद्र सिंह चुनाव जीतकर पहली बार लखनऊ विधानसभा पहुंचे. उन्होंने तीन बार के विधायक और बसपा उम्मीदवार वेदराम भाटी को हराया था. भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में एक बार फिर उम्मीदवार बनाया है. जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के समय भी किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहते थे. ऐसे वक्त में धीरेंद्र सिंह आगे आए और किसानों को इसके लिए राजनी करवाया.

धीरेंद्र सिंह की कुल संपत्ति (Dhirendra Singh’s Net Worth)

साल 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में धीरेंद्र सिंह ने बताया था कि उनकी कुल संपत्ति 8 करोड़ 39 लाख से ज्यादा है और उन पर 1 करोड़ 4 लाख से ज्यादा की देनदारी भी है. साल 2015-16 में धीरेंद्र सिंह ने 3 लाख 15 हजार से ज्यादा की इनकम टैक्स रिटर्न भरी थी. चुनावी हलफनामे के अनुसार धीरेंद्र सिंह की आमदनी का मुख्य स्रोत उनकी खेती बाड़ी है, क्योंकि उन्होंने अपना पेशा खेती बताया था. इसके अलावा एक विधायक के तौर पर मिलने वाला मानदेय भी उनकी आय (Dhirendra Singh’s Salary) का स्रोत है.

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Published Date: January 19, 2022 4:02 PM IST