लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने राज्य में अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ‘डिजिटल ऑनलाइन डोजियर’ बनाने के निर्देश दिए हैं. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह मुताबिक डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनने से संदिग्धों के पकड़े जाने के बाद डाटा से मिलान करके यह ज्ञात किया जा सकेगा कि पकड़े गए अपराधी की वास्तविक पहचान और  उसका आपराधिक इतिहास क्या है ? Also Read - सेक्‍स रैकेट का खुलासा, गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट से 8 युवतियों के साथ 7 पुरुष गिरफ्तार

डिजिटल ऑनलाइन डोजियर से बढ़ेगी पुलिस की तत्परता
पुलिस महानिदेशक कार्यालय के प्रवक्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि डीजीपी ओ पी सिंह ने अपराधियों का डिजिटल ऑनलाइन डोजियर बनाने के लिए निर्देशित किया है. डोजियर बनने से पुलिस अपना मुख्य कार्य जैसे – अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों को कानून सम्मत सजा दिलाना तत्परता से कर पाएगी. प्रवक्ता के मुताबिक, पुलिस की कार्य कुशलता का आकलन आम जनमानस के प्रति होने वाले संगठित अपराधों की रोकथाम और ऐसे अराजक तत्वों पर प्रभावी कार्यवाही द्वारा ही किया जाता है. Also Read - यूपी: आगरा में बंद होटलों में सत्ताधारी नेता चलवा रहा था सेक्स रैकेट, दिल्ली-कोलकाता से लाते थे लड़कियां

मोबाइल एप्लीकेशन ‘त्रिनेत्र’ की मदद से बनेगा अपराधियों का डिजिटल डोजियर
महानिदेशक कार्यालय द्वारा अपराधियों के ‘डिजिटल आनलाइन डोजियर’ बनाने के लिए उप्र पुलिस मोबाइल एप्लीकेशन ‘त्रिनेत्र’ विकसित किया है. इस कार्य के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी जनपदों में लूट, डकैती, नकबजनी, वाहन चोरी, छिनैती एवं आर्थिक अपराधों आदि में संलिप्त अपराधियों के डिजीटल डोजियर को आनलाइन भरे जाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक या क्षेत्राधिकारी (अपराध), प्रभारी डीसीआरबी, दो कम्प्यूटर आपरेटर और दो आरक्षी की नियुक्ति के निर्देश भी दिए गए हैं.
( इनपुट एजेंसी ) Also Read - यूपी: गोंडा में 4 करोड़ के लिए अपहृत बच्‍चे को STF ने छुड़ाया, गिरफ्तार बदमाशों में मह‍िला भी