लखनऊ: उत्‍तरप्रदेश के बांदा जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. बांदा मेडिकल कॉलेज में समय पर इलाज नहीं मिलने पर एक मासूम की मौत हो गई. आरोप है कि डाक्‍टरों ने इलाज के नाम पर पैसे मांगे. मना करने पर डाक्‍टरों ने मासूम का इलाज नहीं किया. इसके चलते उसकी मौत हो गई. मासूम की मौत के बाद परिजन शव लेकर जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई. डीएम ने मामले में जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के बांदा जिले में बुधवार रात जो घटना घटी, उससे इंसानियत शर्मसार हो गई. बांदा जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के पचेहरी गांव के रहने वाले पुष्पराज सिंह बुखार से पीड़ित अपने 6 साल के भाई को बुधवार रात मेडिकल कॉलेज बांदा पहुंचे. यहां उन्‍होंने भाई को इलाज के लिए भर्ती करवा दिया. परिजनों का आरोप है कि स्टाफ के द्वारा पैसों की मांग की गई. मगर गरीबी के चलते वह पैसा नहीं दे पाए तो डाक्‍टरों ने इलाज ही नहीं किया. जब मासूम की हालत बिगड़ने लगी तो उसको जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां जहा उसकी मौत हो गई.

 

मासूम का शव लेकर डीएम के पास पहुंचे घरवाले
जिला अस्‍पताल पहुंचने पर डाक्‍टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुष्‍पराज मासूम और अन्‍य घरवालों के साथ डीएम के दरबार पहुंच गया. उन्‍होंने डीएम से बांदा मेडिकल कॉलेज के डाक्‍टरों पर पैसे के लिए इलाज न करने का आरोप लगाया. साथ ही आरोपी डाक्‍टरों के खिलाफ कड़ी सजा की गुहार लगाई. इस पर डीएम ने कार्रवाई करने का भरोसा देकर मासूम के घरवालों को वापस भेजा.

डीएम ने दिए जांच के आदेश
बांदा के डीएम दिव्य प्रकाश गिरि का कहना है कि बांदा मेडिकल कॉलेज में डाक्‍टरों की लापरवाही से मासूम की मौत के मामले में डीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके लिए डीएम ने एक समिति भी बनाई है, जो कि पूरे मामले की जांच कर जल्‍द रिपोर्ट सौंपेगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.