वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के व्हाइट हाउस को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के काम का तरीका बेहद पसंद है. या यूं कहें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को योगी मॉडल पसंद है. आपको सुनकर यह यकीन नहीं हुआ होगा. लेकिन आपको बता दें कि अमेरिकी में इन दिनों व्हाइट हाउस व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कुछ ऐसा किया गया है जो योगी आदित्यनाथ नाथ कई महीनों पहले कर चुके हैं. बता दें कि देश में जब CAA कानून के खिलाफ प्रदर्शन चरम पर थे. इस दौरान यूपी के कई राज्यों व छोटे शहरों में प्रदर्शनकारियों ने दंगे करने शुरू कर दिए. इस दौरान कई जगहों पर तोड़ फोड़ की गई. कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया. लेकिन इसके जवाब में योगी सराकर ने दंगाइयों को सबक सिखाने का पूरा इंतजाम किया. Also Read - इस देश ने डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ्तारी के लिए जारी किया वारंट, इंटरपोल से भी मांगी मदद

इसके बाद योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद सबसे पहले दंगाईयों की जानकारी जुटाई गई. इसके बाद इनके पोस्टर्स को 100 से ज्यादा अहम जगहों पर लगाए गए. इन पोस्टर्स में 57 उन लोगों के नाम थे जिन्होंने हिंसा के दौरान तोड़-फोड़ और आगजनी की. इन पोस्टर्स पर दंगाईयों के नाम व उनसे सरकार द्वारा वसूली जाने वाली रकम लिखी गई थी. Also Read - योगी सरकार मेरठ मंडल में 1 से 7 जुलाई तक चलाएगी विशेष अभियान, सीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कुछ ऐसा ही लखनऊ से 12,346 किमी दूर अमेरिका में भी देखने को मिला. यहां व्हाइट हाउस के पास लेफायेट्टे स्क्वॉयर में हुए दंगे के 15 आरोपियो के पोस्टर कई जगहों पर लगाए गए हैं. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति एंड्र्यू जैक्सन की प्रतिमा को गिराया है. इस बाबत डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए लिखा- कई लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं. कईयों की तलाश अब भी जारी है. इनपर लेफायेट्टे स्क्वॉयर में सार्वजनिक संपत्ति तोड़ने का आरोप है. ऐसा करने के आरोप में 10 साल की सजा का प्रावधान है. बता दें कि इस बाबत आज अमेरिका में एक सख्त कानून पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. इसके तहत अगर कोई किसी ऐतिहासिक प्रतिमा को गिराता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि बीते दिनों अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड नाम के एक अश्वेत व्यक्ति की पुलिस द्वारा बर्बता किए जाने के कारण मौत हो गई थी. इस दौरान पुलिस ने जॉर्ज के गले पर अपने घुटने से चोक कर दिया. इस दौरान जॉर्ज की मौत हो गई थी. गौरतलब है कि तभी से ही अमेरिकी में लगातार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. यहां लोग नस्लभेद के खिलाफ व सभी को सामान अधिकार दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.