पिथौरागढ़: कैलाश-मानसरोवर यात्रा के दूसरे जत्थे में शामिल 57 तीर्थयात्रियों को सोमवार सुबह भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की मदद से नैनी सैनी हवाईपट्टी से गूंजी आधार शिविर ले जाया गया. ऐसा खराब मौसम की आशंका और दुरूह ट्रैक से बचने के लिए किया गया.

पिथौरागढ़ के जिला मेजिस्ट्रेट सी रविशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के चार हेलिकॉप्टर आज सुबह करीब सात बजे 57 श्रद्धालुओं को लेकर गूंजी पहुंचे. उन्होंने बताया कि वैसे तो लखनपुर से गूंजी के बीच का ट्रैकिंग का मार्ग ठीक है लेकिन खराब मौसम की आशंका से श्रद्धालुओं को हवाई मार्ग से ले जाया गया. इससे उनका कुछ वक्त भी बच गया जिसका इस्तेमाल वह नाभी और ऊंचाई पर स्थित अन्य गांवों में होमस्टे की सुविधा का आनंद उठाने के लिए कर सकेंगे.

लखनपुर से गूंजी के बीच 18 किमी ट्रैक की सीधी चढ़ाई
अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं का दूसरा जत्था कल शाम अल्मोड़ा के रास्ते यात्रा की नोडल एजेंसी पिथौरागढ़ टूरिस्ट रेस्ट सेंटर ऑफ कुमाऊं मंडल विकास निगम तक पहुंचा. लखनपुर से गूंजी के बीच के 18 किमी के ट्रैक की सीधी चढ़ाई होने से यह मुश्किल है. धारचुला के एसडीएम आरके पांडे ने बताया कि इस वक्त ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर भूस्खलन का जोखिम रहता ही है. (इनपुट एजेंसी)