लखनऊ : राष्ट्रीय लोकदल ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार से भाजपा के समर्थन वापस लेने के मुद्दे पर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. रालोद के मुताबिक़ 600 सैनिकों की कुर्बानी की जिम्मेदार भाजपा की अवसरवादी नीति है. पार्टी ने भाजपा को सत्ता लोलुप करार देते हुए कहा कि, इन सत्तालोलुप लोगों ने तीन वर्ष पहले जम्मू-कश्मीर में बे-मेल समझौता कर सरकार बनाते समय कहा था कि, यह देश हित में लिया गया फैसला है. लेकिन भाजपा और पीडीपी गठबंधन की सरकार में देशहित सोचना दूर की बात है.

रालोद के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार से समर्थन वापसी को भी भाजपा देशहित में लिया गया फैसला बताती है. ऐसे में सोचना होगा कि समर्थन देना देशहित में था या समर्थन वापस लेना देशहित में है. बीजेपी की बयानबाजी सिर्फ जनता को गुमराह करने की कोशिश है. प्रवक्ता सुरेंद्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि भारतीय सेनाओं के मारे गए लगभग 600 जवानों की कुबार्नी को भाजपा यदि देशहित मानती है तो भी कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए, क्योंकि बीजेपी सिर्फ सत्ता की भूखी पार्टी है, उससे देशहित की उम्मीद नहीं की जा सकती है. रालोद प्रवक्ता के मुताबिक एक के बदले दस सिर लाने की बात कहने वाले लोग दस के बदले एक सिर भी नहीं ला पाए हैं.

राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा ने असम, त्रिपुरा और गोवा में भी सत्ता के लालच में गठबंधन किया है, जो सर्वथा बेमेल है. गोवा की मनोहर पर्रिकर सरकार में गोमांस पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है खुद को गोरक्षक कहने वाली पार्टी इस पर खामोश है. पूर्वोत्तर के राज्यों में भी वोट खातिर इस पर छूट दी गई है. उन्होंने कहा, इससे स्पष्ट है कि भाजपा के खाने के दांत और दिखाने के दांत अलग-अलग हैं.

रालोद प्रवक्ता के मुताबिक़ सत्ता की भूख के चलते बीजेपी ने जम्मू -कश्मीर में पीडीपी से बेमेल समझौता किया जिसकी कीमत लगभग 600 जवानों की कुबार्नी है उस समय भी पीडीपी से समझौता बीजेपी ने देशहित में बताया था. बीजेपी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘ एक के बदले दस सिर लाने ‘ की बात कहने वाले लोग शायद दस के बदले एक सिर नहीं ला पाए हैं और अब तीन साल सत्ता सुख भोगने के बाद समर्थन वापसी को भी देशहित में लिया गया फैसला बताना आश्चर्यजनक है.
(इनपुट एजेंसी )