गोण्डा: जनपद के कटरा बाजार क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर शनिवार देर रात दो समुदायों के बीच संघर्ष हो गया. अचानक हुए इस टकराव में गोंडा जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत लगभग दर्जन भर लोग जख्मी हो गए.

छावनी में तब्दील हुआ इलाका
दो समुदायों के बीच संघर्ष के हिंसक हो जाने के चलते आस-पास के ग्रामीण जो मूर्ति विसर्जन के लिए लेकर आए थे दर्जनों दुर्गा प्रतिमाएं मौके पर ही छोड़कर भाग गए. इन प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार तड़के जिला प्रशासन ने करवाया. प्रकरण में लोगों को चिन्हित कर मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं. अभी भी स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

मेरठ: रेस्तरां में मारपीट करने के आरोप में भाजपा पार्षद गिरफ्तार, दरोगा लाइन हाजिर

पुलिस अधीक्षक लल्लन सिंह ने बताया कि कटरा बाजार थाना क्षेत्र के बराव गांव में स्थापित की गई दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन को लेकर शनिवार की देर शाम विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए. उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पाकर देवीपाटन मण्डल के आयुक्त सुदेश कुमार ओझा, परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक अनिल कुमार राय, जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव के साथ वह स्वयं बड़ी संख्या में पुलिस तथा पीएसी के जवानों को लेकर मौके पर पहुँच गए. अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी.

प्रतिमाओं को छोड़कर भागे ग्रामीण
पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया आयोजक मण्डल के लोग एक मूर्ति को पूर्व में हुए समझौते से हटकर अल्पसंख्यक बहुल गांव के सड़क से होकर मुख्य मार्ग पर लाने के लिए अड़े रहे, जबकि दूसरा समुदाय ऐसा न करने देने के लिए आमादा रहा. देर शाम शुरू हुए इस विवाद के कारण आधी रात होते-होते आसपास के गांवों के दोनों समुदायों के हजारों लोग एकत्रित हो गए और कर्नलगंज-हुजूरपुर मार्ग जाम कर दिया.

विजय दशमी उत्सव: यूपी में छिटपुट झड़पों व हिंसा के दौरान दो लोगों की मौत, दर्जन भर घायल

उन्होंने बताया कि आयोजकों ने निन्दूरा की प्रतिमा को साथ लिए बिना आसपास के गांवों की दर्जनों प्रतिमाओं को भी विसर्जन के लिए सरयू घाट ले जाने से मना कर दिया गया. स्थिति गंभीर होते देख आयोजक मण्डल के लोग आधी रात के आसपास विसर्जन के लिए ले जाने वाली प्रतिमाओं को ट्राली समेत मौके पर ही छोड़कर अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर वापस चले गए.

डीएम-एसपी घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आधी रात के बाद बरांव और निन्दूरा गांव के बीच एकत्रित बलवाई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया. जिसमे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत मौके पर मौजूद कई पुलिस कर्मियों को भी काफी चोटें आईं. बाद में स्थिति को नियंत्रित करने के पुलिस की तरफ से किए गए बल प्रयोग में कई ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे भी जख्मी हुए हैं. एसपी के मुताबिक स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का स्थानीय अस्पताल में इलाज कराया गया, जबकि जख्मी सिपाहियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्नलगंज में उपचार किया जा रहा है. सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. आयोजकों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके साथ ज्यादती की और दुर्गा प्रतिमा को मन मुताबिक सार्वजनिक रास्ते से नहीं ले जाने दिया. जबकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आयोजक मण्डल मनमानी पर उतारू था.

वे शांति समिति की बैठक में तय मार्ग से हटकर प्रतिमा ले जाने पर अड़े थे. वे मौके पर पहुँचे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगा रहे थे. दूसरी तरफ मस्जिदों से भी लोगों से घरों से बाहर निकलकर सड़क पर एकत्रित होने की अपील की जा रही थी.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पथराव, सड़क जाम और साम्प्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को चिह्नित कर कार्यवाही की जा रही है. प्रशासन ने अपने संसाधनों से आज तड़के सभी प्रतिमाओं को विसर्जित करवा दिया है. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी मौके पर तैनात हैं. आसपास के इलाके में तनावपूर्ण शांति व्याप्त है.