वाराणसी: वाराणसी पुल हादसे में बड़ी कार्रवाई की गई है. दो महीने बाद हुई कार्रवाई में पुलिस ने एक ठेकेदार व 7 इंजीनियर अरेस्ट किए हैं. आज ही इन्हें अरेस्ट किया गया है. डीजीपी ओपी सिंह ने भी गिरफ्तारी की पुष्टी की है. बता दें कि 18 मई को वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के सामने बन रहे फ्लाईओवर का पिलर गिर गया था. हादसे में 18 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए थे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना की जांच के आदेश दिए थे. अरेस्ट किए गए अफसर पहले ही उनके पदों से हटाए जा चुके थे. Also Read - सात महीने बाद सिर्फ एक दिन के लिए खुला 'बांके बिहारी मंदिर', फिर से बंद किए गए कपाट, ये है बड़ी वजह

Also Read - UP: पुलिस का खुलासा, गोंडा का पुजारी खुद पर हमले की साजिश में सरपंच और महंत के साथ शामिल था

वाराणसी हादसा: अखिलेश का एक और ट्वीट, कहा- ‘ये ऐक्सिडेंट है या भ्रष्टाचार का परिणाम, जवाब दे सरकार’ Also Read - 'मिशन शक्ति' शुरू, CM योगी बोले- बेटियों पर बुरी नजर डालने वालों के लिए UP में कोई जगह नहीं

वाराणसी पुल हादसे की तकनीकि टीम ने जांच रिपोर्ट मुख्‍यमंत्री को सौंपी गई थी. रिपोर्ट में पुल निर्माण के दौरान कई स्तर पर खामियों की बात सामने आई थी. इनमें पाया गया था कि निर्माण की ड्राइंग का अनुमोदन नहीं था. कालम के बीच में टाईबीम नहीं बनी थी. हालांकि जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि निर्माण में प्रयुक्त सीमेंट, बालू एवं ग्रिट का अनुपात निर्धारित मानक के अनुरूप था या नहीं. ऐसा बैच मिक्स प्लांट का रिकार्ड न होने के कारण हुआ. इसके साथ ही कार्यस्थल पर ढाली गई कंक्रीट की चेकलिस्ट निर्माण इकाई के पास मौजूद नहीं पाई थी. रिपोर्ट में बताया गया कि निर्माण कार्य का कई अधिकारियों ने निरीक्षण तो किया लेकिन उसको लेकर कोई प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त नहीं की थी.

वाराणसी पु‍ल हादसा: बीएचयू अस्पताल में मानवता शर्मसार, पोस्टमार्टम हाउस में मांगे जा रहे 200 रुपये

ये अधिकारी हुए अरेस्ट

सेतु निगम के पूर्व मुख्य परियोजना प्रबंधक गेंदालाल, तत्कालीन मुख्य परियोजना प्रबंधक हरिश्चन्द्र तिवारी, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक कुलजस राय सूदन, सहायक अभियंता सिविल राजेन्द्र सिंह, सहायक अभियंता यांत्रिक सुरक्षा रामसत्या सिंह यादव, अवर अभियंता सिविल लाल चंद्र सिंह, अवर अभियंता सिविल राजेश पाल सिंह, ठेकेदार साहेब हुसैन को पुलिस ने अरेस्ट किया है. इनमें से अधिकतर को पहले ही हटाया जा चुका था.