नई दिल्ली: ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने कहा कि वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में बिजली क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर और कर्मचारी पांच अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे. एआईपीईएफ के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘बिजली क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर उत्तर प्रदेश के विद्युतकर्मियों के समर्थन में पांच अक्टूबर को विरोध बैठकें करेंगे.Also Read - Amar Jawan Jyoti: गणतंत्र दिवस 2022 से पहले अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की लौ में मिलाने का सरकार फैसला

उत्तर प्रदेश के विद्युत कर्मचारी वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं.’’ विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) की रविवार को ‘ऑनलाइन’ हुई बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया. Also Read - इंडिया गेट पर लगेगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा, फिलहाल होलोग्राम स्टैच्यू दिखेगा; जानें क्या है होलोग्राम तकनीक

बैठक की अध्यक्षता एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने किया. संगठन के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र क निजीकरण कर रही है. राज्य के विद्युत कर्मचारी और इंजीनियर 29 सितंबर से तीन घंटे कामकाज का बहिष्कार करेंगे और पांच अक्टूबर को पूरे दिन काम का बहिष्कार किया जाएगा. एनसीसीओईईई ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाता है, पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. Also Read - Punjab Opinion Poll 2022 , Janta ka Mood: जानें पंजाब में किस पार्टी को फायदा, कौन सत्ता के कितने करीब