नई दिल्ली: ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने कहा कि वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में बिजली क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर और कर्मचारी पांच अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करेंगे. एआईपीईएफ के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘बिजली क्षेत्र में कार्यरत इंजीनियर उत्तर प्रदेश के विद्युतकर्मियों के समर्थन में पांच अक्टूबर को विरोध बैठकें करेंगे. Also Read - मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के विस्तार को मंजूरी, मोदी सरकार के फैसले से जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों की बढ़ेगी कमाई

उत्तर प्रदेश के विद्युत कर्मचारी वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं.’’ विद्युत कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) की रविवार को ‘ऑनलाइन’ हुई बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया. Also Read - कोरोना से लड़ने में PM मोदी की अपील को मंत्र बनाएं देश के लोग: अमित शाह

बैठक की अध्यक्षता एआईपीईएफ के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने किया. संगठन के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी बिजली वितरण क्षेत्र क निजीकरण कर रही है. राज्य के विद्युत कर्मचारी और इंजीनियर 29 सितंबर से तीन घंटे कामकाज का बहिष्कार करेंगे और पांच अक्टूबर को पूरे दिन काम का बहिष्कार किया जाएगा. एनसीसीओईईई ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी को गिरफ्तार किया जाता है, पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. Also Read - कब आएगी कोरोना वायरस की वैक्सीन, जानें पीएम मोदी ने देश को क्या बताया