24 रुपये की बाम निकली खाली, ग्राहक ने ऐसा सबक सिखाया खुद कंपनी भी याद रखेगी
मामला अगस्त 2020 का है. कानपुर के रहने वाले सुधीन्द्र मिश्रा ने पैर दर्द के लिए रावतपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर से 12-12 रुपये की दो 'फास्ट रिलीफ पेन किलर बाम' खरीदी थीं.
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है. (Photo/AI)
उत्तर प्रदेश के कानपुर में 24 रुपये की दो बाम की डिब्बियां एक ग्राहक के लिए बड़ी कानूनी लड़ाई की वजह बन गईं. करीब पांच साल तक चले मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मेडिकल स्टोर और बाम बनाने वाली कंपनी को 40 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. जानकारी के मुताबिक, यह मामला अगस्त 2020 का है. कानपुर के रहने वाले सुधीन्द्र मिश्रा ने पैर दर्द के लिए रावतपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर से 12-12 रुपये की दो 'फास्ट रिलीफ पेन किलर बाम' खरीदी थीं. घर पहुंचकर जब उन्होंने दोनों डिब्बियां खोलीं तो वे पूरी तरह खाली निकलीं. डिब्बियों में न बाम था और न ही ढक्कन लगा था.
वापस नहीं मिले 24 रुपये
इसके बाद सुधीन्द्र मिश्रा ने मेडिकल स्टोर पहुंचकर शिकायत की और बाम बदलने या पैसे वापस करने की मांग की. आरोप है कि दुकानदार ने यह कहते हुए जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया कि यह निर्माता कंपनी का मामला है. कई बार शिकायत करने के बाद भी उन्हें न नई बाम मिली और न ही 24 रुपये वापस किए गए. मामले का समाधान नहीं होने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दर्ज कराई. सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि मेडिकल स्टोर और निर्माता कंपनी दोनों की ओर से सेवा में कमी बरती गई है.
24 रुपये के बदले मिले 4000 रुपये
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ग्राहक के 24 रुपये ब्याज सहित लौटाए जाएं. साथ ही मानसिक पीड़ा और मुकदमे के खर्च को देखते हुए 40 हजार रुपये का मुआवजा भी दिया जाए. यह फैसला उन लोगों के लिए भी एक उदाहरण माना जा रहा है जो छोटी रकम का नुकसान होने पर शिकायत नहीं करते. आयोग के इस आदेश ने साफ कर दिया कि उपभोक्ता के अधिकारों की अनदेखी करने पर छोटी सी लापरवाही भी कंपनियों और दुकानदारों पर भारी पड़ सकती है. (एजेंसी इनपुट्स)
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