इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा प्रणाली में सुधार के दूसरे चरण में अब कॉपियों के मूल्यांकन पर भी नज़र रखी जाएगी, इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षा में भी लाखों की संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी, अब बारी कड़ाई से कॉपियों के मूल्यांकन की है. यूपी बोर्ड की जिले की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 17 मार्च से शुरू होगा. मूल्यांकन के दौरान सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर मुकेश सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा कि उन्हीं कक्षाओं में कॉपियां चेक की जाएगी जिन में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. यही नहीं परीक्षक और डीएचई मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, मोबाइल का प्रयोग करते पकड़े जाने पर कार्यवाही की जाएगी. Also Read - CBSE के छात्रों को मिल सकती है राहत, परीक्षा के सिलेबस में हो सकती है कटौती

इस बार 5 मूल्यांकन केंद्र पर 4252 परीक्षक 1613607 कॉपियां जांचेंगे, मूल्यांकन का कार्य 15 दिन चलेगा. यह पहली बार है कि जब कॉपियां जांचने का कार्य मार्च में शुरू हो रहा है , अब तक अप्रैल के अंतिम सप्ताह में यह काम शुरू होता था, पिछली बार 27 अप्रैल से मूल्यांकन का काम शुरू हुआ था. इस बार हाईस्कूल की 675661 और इंटर की 937946 कॉपियां जांची जानी है, इसके लिए 4252 परीक्षक लगाए गए हैं जिसमें 393 डिप्टी हेड एग्जामिनर(डीएचई) हैं. Also Read - बोर्ड एग्ज़ाम देने वाला छात्र कोरोना की चपेट में आया, राजस्थान में परीक्षाएं रद्द कराने को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लोग

मूल्यांकन के दौरान मोबाइल फ़ोन का प्रयोग वर्जित रहेगा Also Read - UP Board 10th and 12th Result 2020: उप मुख्यमंत्री ने जारी किया रिजल्ट, 10वीं में 83.31 और 12वीं में 74.63 फीसदी छात्रों ने मारी बाजी, ये रहे टॉपर

मूल्यांकन का काम सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगा. मूल्यांकन केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश करने और फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध रहेगा. मूल्यांकन कक्ष के अंदर की गतिविधियां लीक होने पर संबंधित परीक्षक के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. इस हेतु सभी वित्तविहीन विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि जिन शिक्षकों को परीक्षक और डीएच ई के रूप में नियुक्त किया गया है उन्हें 16 मार्च तक कार्यमुक्त कर दिया जाए. जिन विद्यालयों के शिक्षक मूल्यांकन कार्य में गैरहाजिर रहेंगे उन विद्यालयों के खिलाफ मान्यता खत्म करने की कार्रवाई के लिए बोर्ड को सिफारिश की जाएगी, वही गैरहाजिर रहने वाले डीएचई और परीक्षक के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी. राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों का उस दिन का वेतन भी रोक दिया जाएगा.

यह भी पहली बार ही होगा कि बोर्ड की परीक्षा के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जो कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है वह मूल्यांकन कार्य के दौरान भी चालू रहेगा, यहां से सभी केंद्रों पर नजर रखी जाएगी और लगातार जानकारी ली जाएगी कि कितने परीक्षक मूल्यांकन करने पहुंचे, जो गैर हाजिर रहेंगे उनके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. बोर्ड परीक्षकों के नियुक्ति पत्र अभी नहीं आए हैं, यह नियुक्ति पत्र इसी हफ्ते जारी कर दिए जायेंगेे, परीक्षकों को नियुक्ति पत्रों को अपने प्रिंसिपल से सत्यापित कराना होगा, नियुक्ति पत्र में विषय की गलती होने पर संबंधित केंद्र पर फार्म भरकर बदलवा सकते हैं.

परीक्षा की गुणवत्ता के बाद अब रिजल्ट की बारी

गौरतलब है कि इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के संकल्प के चलते हजारों विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी. सरकार के इस कड़े कदम से नकल माफिया, प्रिंसिपल और प्रबंधकों के गठजोड़ से वृहद स्तर पर होने वाली सामूहिक नकल को रोकने के हर संभव प्रयास किए गए हैं, इसी प्रक्रिया को और आगे बढ़ाते हुए परीक्षाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं. जिससे शिक्षा के प्रति ईमानदार गंभीर छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना कर सके. इस प्रयास में रुकावट पैदा करने और प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी जारी कर दी गई है. यहां तक कि ऐसे परीक्षकों तथा डीएचई के विरुद्ध प्रशासनिक व कानूनी कार्यवाही किए जाने के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

ऐसे विद्यालयों की मान्यता रद्द किए जाने तक की कार्यवाही की जा सकती है. सख्ती इस स्तर तक की जा रही है कि परीक्षकों और डीएचई को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की भी छूट नहीं होगी और मूल्यांकन भी उन्हीं कक्षाओं में किया जाएगा जहां सीसीटीवी लगा हो. मूल्यांकन केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध है ही साथ ही मूल्यांकन कक्ष की कोई अंदरुनी जानकारी बाहर आती है तो भी संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अनुपस्थित रहने वाले डीएचई और परीक्षक के खिलाफ प्रशासनिक व कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी.