लखनऊ: उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद जिले में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला की सुरक्षा में तैनात दारोगा ने अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. दरोगा तारबाबू तरुण के आत्महत्या करने की सूचना से पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई. पुलिस ने शव को लोहिया अस्पताल भेज जांच शुरू कर दी है.

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मूलत: जनपद फिरोजाबाद की कोतवाली टूंडला के गांव नगला सोना निवासी दारोगा तारबाबू तरुण दो दिन पहले जनपद कानपुर नगर से तबादले पर यहां आये थे. उन्हें मंगलवार को आवास विकास में ग्रामीण बैंक की एक शाखा का शुभारंभ करने आये शुक्ला के पीएसओ ड्यूटी पर भेजा गया था. उन्हें काफिले को स्कार्ट करना था. दारोगा तार बाबू जिप्सी के साथ तैनात थे. उनके साथ हेड कांस्टेबल हरिशंकर, सिपाही दीप सिंह व कौशल एवं जीप चालक रामवीर सिंह भी थे. उनकी जिप्सी जनपद शाहजहांपुर के हुल्लापुर चौराहे के निकट पंक्चर की दुकान के सामने खड़ी थी, जहां वह मंत्री शिव प्रताप सिंह के काफिले का इंतजार कर रहे थे.

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घटना के पीछे पारिवारिक कलह
बताते हैं कि दारोगा मोबाइल पर बात करते हुए जिप्सी से निकल और दुकान के भीतर कुर्सी पर बैठ गए. फिर बातचीत करते हुए अचानक उन्होंने अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और सिर में तीन गोलियां मार ली. इसके बाद साथी पुलिस कर्मचारी उन्हें लेकर लोहिया अस्पताल आए. डॉ. मनोज पाण्डेय ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दरोगा के गोली मारने की सूचना पर एसपी संतोष मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी रामलखन सरोज आदि अधिकारी अस्पताल पहुंचे. एसपी संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि तारबाबू की जिन मोबाइल नंबरों बात हुई, उन्हें ट्रेस किया गया है. प्रथम दष्टया घटना के पीछे पारिवारिक कलह सामने आ रही है. मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है.