अयोध्‍या: ‘अवाम का सिनेमा’ के बैनर तले आयोजित होने वाले 13 वें अयोध्या फिल्म फेस्टिवल की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. आगामी 16 से 18 दिसंबर तक आयोजन का गवाह डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद सभागार बनेगा. इस आयोजन में देश विदेश की सिनेमा और साहित्‍य जगत की हस्तियों के साथ ही फिल्‍मों का तीन दिवसीय मेला इस बार सितारों से भी सजा नजर आएगा. तीन दिवसीय अयोध्या फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन समारोह 16 दिसंबर को दोपहर 12 बजे दिन में शुरू होगा तो अयोध्‍या की धरती पर इस वैश्विक आयोजन की चकाचौंध के साथ ही सिनेमा के सरोकारों से भी लोग अभिभूत नजर आएंगे.

देश-दुनिया में चर्चित अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल में इस वर्ष जाने माने फ़िल्म निर्देशक प्रकाश झा, बॉलीवुड अभिनेता ऋषि भूटानी, तेलगू और हिंदी फिल्मों के अभिनेता आदित्य ओम, हिंदी और भोजपुरी अभिनेत्री संभावना सेठ, टीवी और फिल्म अभिनेता संदीप आनंद, हिंदी और भोजपुरी अभिनेता अविनाश द्विवेदी, वेब सीरीज और फ़िल्म अभिनेता अजय महेंद्रू, हॉलीवुड अभिनेता अर्फी लाम्बा, वरिष्ठ फ़िल्म संपादक शरद सोंधी, चर्चित सेंड कलाकार हिमांशु शेखर पारिदा, फेस्टिवल ज्यूरी चैयरमैन मोहन दास आदि की भी मौजूदगी रहेगी. आयोजन में बड़े चेहरों के बीच साहित्‍य और सिनेमा का मेल तीन दिनों तक अयोध्‍या को विश्‍व पटल पर लंबे समय तक यादगार तोहफा दे जाएगा.

इसके लिए आयोजक मंडल की ओर से प्रदर्शित होने वाली फिल्‍मों के चयन और उनको अंतिम रूप से चयनित करने की प्रक्रिया जारी है. अवध विश्‍वविद्यालय में आयोजित होने वाला यह सिनेमा का समारोह अपने आप में इसलिए भी अनोखा है कि विदेशी कैटेगरी की फिल्‍में भी आयोजन का हिस्‍सा बनेंगी. सूबे के सबसे पुराने फ‍िल्‍म समारोह को भव्‍यता देते हुए सिनेमा जगत के बडे चेहरों को शामिल करते हुए इसका सरोकारी स्‍वरुप भी बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है. वहीं आयोजन के दौरान फ‍िल्‍मों के अलावा सांस्‍कृतिक समारो‍ह आयोजन की भव्‍यता को चार चांद लगाएंगे.

अवाम का सिनेमा के संस्थापक शाह आलम ने कहा, “देश में काकोरी एक्शन के महानायको की याद में शुरू हुआ सिनेमा का यह सफर क्रांतिवीरों की विरासत को समेटे हुए लगातार आयोजित हो रहा है. शहीदों की मज़ारों पर जुड़ेंगे हर बरस मेले की थाती को नई पीढ़ी आयोजन के जरिए साकार कर रही है. अयोध्या से शुरू हुआ यह सफ़र जयपुर, मऊ, चौरीचौरा, बरहज, आजमगढ़, कैथी (वाराणसी), औरैया, इटावा, दिल्ली, जम्मू, बिजनौर, कारगिल आदि जगहों पर लगातार आयोजित होता रहा है.”