आगरा: यूपी की पहली बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव के मर्डर के पीछे मदद के बदले धोखा और दूसरों की जलन प्रमुख है. दरवेश के सीने पर जिस वकील मनीश शर्मा ने कोर्ट परिसर में ही तीन गोलियां दागी, उसने सिर्फ दरवेश का ही मर्डर नहीं किया बल्‍कि इंसानियत और भरोसे का भी मर्डर किया. ये बात दरवेश यादव की हत्या मामले में उनके भतीजे सनी यादव के द्वारा तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर से सामने आई है.

सनी यादव के मुताबिक, दरवेश यादव अक्सर शर्मा को उनके करियर में मदद करती थीं और उसे पैसे, कार और आभूषण देती थीं. दोनों ने 2004 में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी और कोर्ट में दोनों का एक ही चैंबर था. दरवेश यादव और मनीष शर्मा के बीच तल्ख रिश्ते को हत्या के पीछे का मकसद माना जा रहा है.

यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या मामले में उनके भतीजे सनी यादव ने मनीष शर्मा, उसकी पत्नी वंदना और एक अन्य वकील विनीत गुलेचा को आरोपी के रूप में नामित किया है.

बुधवार देर रात एफआईआर दर्ज कराने वाले सनी यादव के मुताबिक, दरवेश यादव अक्सर शर्मा को उनके करियर में मदद करती थीं और उसे पैसे, कार और आभूषण देती थीं. सनी ने शिकायत में कहा, “कुछ महीने पहले, जब दरवेश यादव ने शर्मा से अपने पैसे मांगे, तो उसकी पत्नी वंदना ने दरवेश यादव को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी. मनीष शर्मा ने दरवेश के चैंबर पर कब्जा कर लिया था और उन्हें अन्य वकीलों के चैंबर से काम करना शुरू करना पड़ा था.”

हत्या से ठीक पहले दरवेश साथी वकील अरविंद कुमार मिश्रा के चैंबर में बैठी थी, जहां शर्मा ने उनके साथ बहसबाजी की और फिर तीन गोलियां चलाकर कर उनकी हत्या कर दी. इसके बाद शर्मा ने खुद को भी गोली मार ली. मृतक दरवेश बार काउंसिल की पहली महिला प्रमुख थी. वकील मनीष शर्मा ने बुधवार को दरवेश यादव पर गोलियां चलाईं, उसने बाद में खुद को सिर में गोली मार ली और उसे गंभीर हालत में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सनी यादव ने बताया कि एक अन्य वकील विनीत गुलेचा मास्टरमाइंड हैं और इस अपराध का कारण ईर्श्‍या है. सनी ने कहा, “दरवेश की बढ़ती लोकप्रियता से गुलेचा को जलन होती थी और हत्या के लिए उसने मनीष शर्मा का इस्तेमाल किया.” (इनपुट- एजेंसी)