लखनऊ: सपा के बाहुबली पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ एटा जिले में आय से अधिक संपत्ति व सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर एफआईआर दर्ज करा दी गई है. अकूत दौलत के मालिक रामेश्वर का हजारों एकड़ में साम्राज्य फैला हुआ है.Also Read - Amazon: कानूनी शुल्क में अमेजन द्वारा दिया गया पैसा घूस में बदल दिया गया : रिपोर्ट

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सपा बाहुबली की शिकायत उन्ही की पार्टी के एक पूर्व विधायक आशीष यादव ने सीएम योगी आदित्‍यनाथ से की थी. आशीष विधान परिषद सभापति रमेश यादव के पुत्र और एटा से पूर्व में सपा विधायक भी रह चुके हैं. आशीष यादव की शिकायत पर शासन ने मामला दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. अलीगढ़ मंडल के कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित 5 सदस्यीय टीम में लखनऊ, कानपुर, आगरा, गौतमबुद्धनगर के डीएम को शामिल किया गया है. आरोपी रामेश्वर यादव सपा के राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल के करीबी रिश्तेदार भी है.

हजारों बीघे जमीन व अकूत संपत्ति जमा करने का आरोप

रामेश्वर यादव और उसके परिजनों के पास हजारों बीघे जमीन और अकूत संपत्ति अवैध तरीके से जमा करने का आरोप है. सीएम योगी और शासन को लिखे पत्र में आशीष यादव ने बताया कि एटा के शीतलपुर में पूर्व विधायक और उसके भाई के नाम कागजों में 21 बीघा जमीन दर्ज है, जबकि बाउंड्रीवाल से घिरे उनके फार्म हॉउस का क्षेत्रफल 250 बीघा है. वहीं आसपुर में उनके नाम 30 बीघा वैध जमीन है जबकि यहां का फार्महाउस 300 बीघे में फैला है. इसी प्रकार आशीष यादव ने रामेश्वर सिंह की अरबों रुपये कीमत की तमाम कृषि, गैर कृषि, वाणिज्यिक भूमि व मकानों के ब्यौरा दिया है.

सपा नेता व उनके भाई पर एफआईआर दर्ज

आशीष द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शासन ने संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए. जिसके क्रम में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं. फिलहाल आरोपी सपा नेता और उसके भाई के खिलाफ एटा जनपद में एफआईआर दर्ज करा दी गई है. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.