बांदा: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के उढिया गांव में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जलकर एक महिला और उसके तीन साल के बेटे की मौत हो गई. घर में धुंआ देखकर आस-पड़ोस के लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो सरिता की मौत हो चुकी थी. बेटा काफी झुलसा हुआ था. पुलिस को सूचना देकर तुरंत सीएचसी ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान बच्चे की भी मौत हो गई.

बांदा जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष विजय कुमार राय ने बताया कि शुक्रवार देर रात बंद कमरे में लगी आग से जलकर संदिग्ध परिस्थितियों में धर्मेंद्र पाल की पत्नी सरिता (26) की मौके पर ही मौत हो गयी है जबकि उसके तीन साल के बेटे अनमोल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खागा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

घटना के समय महिला का पति धर्मेंद्र, सतना के मैहर घूमने चला गया था. उन्होंने कहा कि परिजनों का कहना है कि कमरे के अंदर बिजली की झालर लगी थी, बिजली की शॉर्टसर्किट से आग लगने से मौत का अंदेशा जताया है जबकि महिला के पिता ने ससुराल के छह सदस्यों के खिलाफ हत्या की शिकायत की है. राय ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और जांच से ही पता चलेगा कि महिला और उसके बेटे की मौत शार्टसर्किट हादसे, आत्महत्या या फिर किसी साजिश से हुई है.

बता दें कि धर्मेंद्र पाल लुधियाना में प्राइवेट नौकरी करते हैं. दो माह से छुट्टी पर यहां थे. घटना के दिन यह अपने दोस्तों के साथ मैहर गए थे. बगल में धर्मेंद्र के परिवार के अन्य सदस्य दूसरे घर में रहते हैं. धर्मेंद्र का परिवार दो साल से अलग घर में रह रहा था.

(इनपुट-भाषा)