नई दिल्ली: भगवान हनुमान की जाति बताने को लेकर बीजेपी के नेताओं में होड़ मच गई है. अब बीजेपी विधायक और उत्तर प्रदेश के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने हनुमान को जाट बताया है. गुरुवार को ही बीजेपी के चर्चित विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने हनुमान को मुसलमान बताया था. इससे पहले यूपी के ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान को दलित बताया था.

यूपी के मंत्री लक्ष्मी नारायण ने कहा, हम किसी भी स्वभाव से ये पता करते हैं कि ये किसके वंशज होंगे. जैसे वैश्य जाति का हम मानते हैं कि वे अग्रसेन के वंशज होंगे क्योंकि अग्रसेन महाराज स्वंय व्यापार करते थे. जाट का स्वभाव होता है कि यदि किसी के साथ अन्याय हो रहा हो तो वह वगैर किसी बात के चाहे जान पहचान हो या न हो वो उसमें जरूर कूद पड़ता है. अब वैसे ही हनुमान जी जिस तरह से राम की पत्नी सीता माता का अपहरण हुआ. रावण ने अपहरण किया. हनुमान जी भगवान राम के दास के रूप में बीच में शामिल हुए. भगवान हनुमान की प्रवृत्ति जाटों की प्रवृत्ति से मिलती है इसलिए मैंने कहा कि हनुमान जी जाट ही होंगे.

उत्तर प्रदेश से भाजपा के चर्चित विधान परिषद सदस्य बुक्कल नवाब ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा ‘हनुमान जी हमारे हिसाब से मुसलमान थे. इसीलिये मुसलमानों में जो नाम रखे जाते हैं यानी रहमान, फुरकान, जीशान, अरमान वगैरह जितने भी नाम हैं, ऐसे कम से कम 100 नाम हैं, जो हनुमान जी पर ही मिलेंगे. इसलिए हम समझते हैं कि हनुमान जी मुसलमान थे.’ उन्होंने दलील दी कि हिन्दू समुदाय में हनुमान के बाकी नाम नहीं मिलेंगे. हिन्दू भाई हनुमान नाम तो रख सकते हैं लेकिन सुलतान, अरमान, रहमान नहीं रख सकते. ये हनुमान जी से मिलते-जुलते नाम हैं.

दूसरी ओर हनुमान जी और सीता माता के बारे में हाल के दिनों में की गई टिप्पणियों पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद में गुरुवार को अफसोस जाहिर करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया गया. हालांकि, यह स्वीकार नहीं हुआ. सपा के विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने शून्यकाल के दौरान यह प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि सदन भारत के संविधान में उल्लिखित संवैधानिक पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों तथा आराध्य देवी-देवताओं के बारे में जातिगत, क्षेत्रीयता सम्बन्धी असंतुलित और अविवेकपूर्ण बयानों को अनुचित और अवांछित मानता है.

उन्होंने सदन में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गत 27 और 28 नवम्बर को राजस्थान में हनुमान जी के बारे में की गई गयी कथित टिप्पणियों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘जिम्मेदार संवैधानिक पद पर आसीन जनप्रतिनिधि द्वारा बजरंग बली (हनुमान जी) के बारे में टिप्पणी की गयी, जिसमें उन्हें वनवासी, दलित और वंचित आदि कहा गया. इसके उलट भाजपा के एक अन्य नेता ने हनुमान जी को ‘आर्य‘ बताया. अभी कुछ ही देर पहले इसी सदन में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने हनुमान जी को ‘जाट‘ कहा.