First Forestry And Horticulture University Will Built In Up Cost Rs 500 Crore Degree And Diploma Courses Will Be Taught
यूपी में बनेगा पहला फॉरेस्ट विश्वविद्यालय, लगेंगे 500 करोड़, डिग्री और डिप्लोमा कोर्स पढ़ाए जाएंगे
गोरखपुर में बनने वाला फॉरेस्ट्री कॉलेज डिग्री और डिप्लोमा कोर्स प्रदान करेगा. विश्वविद्यालय कैंपियरगंज के भारीवैशी ब्लॉक में 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर बनेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में पहली Forestry & Horticulture University स्थापित करने की योजना को मंजूरी दे दी है. यह विश्वविद्यालय गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज क्षेत्र में बनेगा, जो उत्तर भारत का पहला और देश का दूसरा ऐसा संस्थान होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 621.26 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की है, जिसमें वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह घोषणा 6 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी, जब उन्होंने गोरखपुर के कैंपियरगंज रेंज में विश्व के पहले जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र (Jatayu Conservation & Breeding Centre) का उद्घाटन किया था.
फॉरेस्ट्री कॉलेज डिग्री और डिप्लोमा कोर्स देगा
गोरखपुर में बनने वाला फॉरेस्ट्री कॉलेज डिग्री और डिप्लोमा कोर्स प्रदान करेगा. विश्वविद्यालय कैंपियरगंज के भारीवैशी ब्लॉक में 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर बनेगा, जो जटायु संरक्षण केंद्र के निकट स्थित है. यह स्थान गोरखपुर वन मंडल के अंतर्गत आता है.
इन विषयों से जुड़े कोर्सेज की होगी पढ़ाई
यह विश्वविद्यालय वानिकी, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी, उद्यानिकी, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण विज्ञान से जुड़े कोर्स प्रदान करेगा. यहां डिग्री, डिप्लोमा और शोध कार्यक्रम होंगे, जो वन विभाग की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को रोजगार-उन्मुख शिक्षा देंगे.
बजट और वित्तीय प्रावधान
कुल अनुमानित लागत 621.26 करोड़ रुपये है, जिसकी तैयारी लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की गई है. 2025-26 के राज्य बजट में 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. उत्तर प्रदेश वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, और ड्राफ्ट एक्ट राज्य सरकार को सौंप दिया गया है. विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगा. यह संस्थान युवाओं को वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और हरित रोजगार के अवसर प्रदान करेगा.
‘हरित राज्य’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के माध्यम से राज्य को ‘हरित राज्य’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. ऐसी उम्मीदें हैं कि आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर सकता है. इस विश्वविद्यालय को बनाने से जुड़ी तमाम जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर है. यह कब से शुरू होगा अभी इसकी अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. जैसे ही विश्वविद्यालय तैयार होगा, राज्य सरकार की ओर से अधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा की जाएगी. खबर लिखे जाने तक इसके उद्घाटन से जुड़ी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
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