लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार अपने एक बड़े फैसले के तहत ‘किन्नर कल्याण बोर्ड’ गठित करने की योजना बना रही है और जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें ट्रांसजेंडर (किन्नर) समुदाय के हित के लिए काम किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विषय में समाज कल्याण विभाग से विस्तृत प्रस्ताव की मांग की है. Also Read - प्रियंका गांधी ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा- 12460 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को तुरंत दिया जाए नियुक्ति पत्र

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस बोर्ड को बनाने का मकसद किन्नर समाज से जुड़े लोगों को शिक्षा, रोजगार, आवास और स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्रों में उचित लाभ मुहैया कराना है. किन्नर समाज काफी लंबे समय से अपने लोगों के लिए अलग से दफनाने के लिए जमीन की मांग करते आ रहे हैं. Also Read - लव जेहाद पर सख्त योगी सरकार: धर्मांतरण के खिलाफ जल्द ही यूपी में अध्यादेश होगा जारी

दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई भले ही हिंदू धर्म का पालन करते हैं, लेकिन उनके शव का दाह संस्कार नहीं किया जाता है, बल्कि दफनाया जाता है और वह भी रात के अंधेरे में, जिसमें आम लोगों को भाग लेने की इजाजत नहीं होती है. Also Read - योगी सरकार ने कसा शिकंजा: माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की पत्नी-बेटों-रिश्तेदारों की भी बढ़ी परेशानी