लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को द्विवार्षिक विधान परिषद के लिए चार उम्मीदवारों के नाम जारी किए, जिसमें सबसे अहम नाम पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद शर्मा का है जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद गुरुवार को भाजपा का दामन थामा था. शर्मा के अलावा, तीन अन्य उम्मीदवारों में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और लक्ष्मण प्रसाद आचार्य हैं. Also Read - भारत के लिए 'सेक्युलरिज्म' शब्द सबसे बड़ा खतरा, इससे उबरना होगा: योगी आदित्यनाथ

भाजपा द्वारा आगामी चुनाव के लिए ऊपरी सदन में 12 सीटों के लिए 6 और उम्मीदवार नामित किए जाने की उम्मीद है. पार्टी सूत्र ने कहा कि सभी भाजपा उम्मीदवार एक साथ सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे. Also Read - राहुल और प्रियंका गांधी ने कहा- यूपी की बीजेपी सरकार में हर वर्ग के लिए मुश्किल बनी खराब कानून व्यवस्था

अरविंद शर्मा ने सोमवार को अपने पद से वीआरएस लिया था और दो दिन बाद ही वह गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए थे. वीआरएस लेने के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शर्मा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं और वे पीएम मोदी के खास नौकरशाहो में एक माने जाते हैं. सूत्रों के हवालों से यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में अरविंद कुमार शर्मा को उत्तर प्रदेश का तीसरा डिप्टी सीएम भी नियुक्त किया जा सकता है. Also Read - CM योगी की सोशल मीडिया साइट 'कू' पर धमाकेदार एंट्री, अकाउंट बनाते ही इतने हुए फॉलोवर्स

उत्तर प्रदेश की 12 विधान परिषद सीटों के लिए 28 जनवरी को मतदान होना है और नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 18 जनवरी है. भाजपा ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है. वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को अपने दो प्रत्याशियों की घोषणा की थी. शर्मा विधान परिषद चुनाव लड़ेंगे या नहीं इस कोई भी पार्टी का नेता बोलने को तैयार नहीं है.

भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ट्वीट करके कहा, ‘‘आज पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा जी का भाजपा परिवार में स्वागत किया. ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की विचारधारा से जुड़े. अरविंद कुमार शर्मा जी की कार्यक्षमता व कर्मठता से निश्चित ही पार्टी को एक नई गति मिलेगी.’’