एटा: भारत-पाक सीमा पर शहीद हुए उत्तर प्रदेश के जिला एटा के राजेश कुमार यादव का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर लाया गया. गांव में यहां उनकी अंतिम यात्रा में 10 हजार लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. शहीद जवान की गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. वह कई बार बेसुध होने की हालत में पहुंच गई. वहीं, गांव में किसी भी जनप्रतिनिधि व अधिकारी के नहीं पहुँचने पर लोगों ने जमकर बवाल किया. गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया. वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की. शहीद राजेश के पिता ने कहा कि हर किसी की आंखें नम हैं, लेकिन एक जवान के शहीद होने पर नेताओं, अधिकारियों की आँखों में पानी नहीं आया है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है.

कुछ समय में है बहनों की शादी, पत्नी है गर्भवती
बता दें कि राजेश एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले में 57 आर-आर रेजीमेंट में तैनात थे. वह एटा ज़िले के जलेसर इलाके के रजुआ गांव के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि वह एलओसी पर तैनात थे. इसी दौरान उन्हें गोली लगी. इससे वह शहीद हो गए. राजेश के घर जैसे ही शहादत की सूचना पहुंची घर में कोहराम मच गया. राजेश चार बहनों में इकलौते भाई थे. इनमें से दो बहनों की अभी शादी होनी थी. शादी 2019 में होनी थी, जिसमें राजेश आने वाले थे. राजेश की दो साल पहले ही शादी हुई थी. बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी श्वेता इस समय गर्भवती हैं.

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देश के लिए शहीद हुआ घर का इकलौता चिराग
आज सैन्य अधिकारी राजेश का पार्थिव शरीर लेकर उनके गाँव पहुंचे. यहां उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होकर अंतिम सलाम करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. करीब 10 हजार लोगों अंतिम यात्रा में शामिल हुए. इस दौरान पूरे परिवार का बुरा हाल रहा. खासकर गर्भवती पत्नी श्वेता बार-बार बेसुध होने की स्थिति में पहुंची. राजेश के पिता नेम सिंह यादव बताते हैं कि राजेश बेहद बहादुर था. वह देश के लिए शहीद हो गया. इन्होंने अपने घर के इकलौते चिराग को खो दिया है.