मथुरा. जम्मू-कश्मीर के बडगाम में विशेष अभियान के लिए जाते समय हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से शहीद हुए मथुरा के रहने वाले टैक्निकल नायक एयरमैन पंकज नौहवार का शुक्रवार को उनके पैतृक ग्राम जरैलिया में पूरे सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण एवं श्रीकांत शर्मा, सांसद हेमा मालिनी, विधायकों श्याम सुंदर शर्मा, पूरनप्रकाश एवं ठा. कारिंदा सिंह के अलावा जिले के आला अधिकारियों के साथ ही मथुरा, अलीगढ़ व हाथरस जनपद के निकटवर्ती गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी अंतिम श्रद्धांजलि दी.

इससे पहले बुधवार को श्रीनगर में शहीद हुए पंकज नौहवार का पार्थिव शरीर गुरुवार देर शाम मथुरा लाया गया तो उसे सैन्य अस्पताल की मॉर्चरी में रख दिया गया. पार्थिव शरीर को वहां से आज सुबह पहले उनके बालाजीपुरम स्थित घर पर ले जाया गया और फिर बाद में मांट तहसील क्षेत्र के बाजना कट से सटे जरैलिया गांव में ले जाया गया. पंकज नौहवार के पिता नौबत सिंह सेना के सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. जरैलिया में कल से ही उनके आवास पर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ था. शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचने पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतार लग गई.

स्ट्राइक वन कोर मुख्यालय से पहुंची सैन्य टुकड़ी द्वारा सलामी दिए जाने के बाद पंकज के सवा साल के बेटे ने पापा…, पापा… कहते हुए मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई. इस बीच लोगों ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, पंकज तुम्हारा नाम रहेगा’, ‘भारत माता की जय’, ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए. पार्थिव शरीर को लेकर वाहन के पहुंचने पर तिरंगे में लिपटे पति को देखकर एकबारगी तो पत्नी मेघा बेसुध हो गई. परिजनों ने उन्हें संभाला.

गौरतलब है कि सरकार ने पंकज तथा उनके साथ शहीद हुए राज्य के दो अन्य शहीदों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, एक संबंधी को सरकारी नौकरी व खेती योग्य जमीन देने की घोषणा की थी. जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उनके गांव पहुंचकर पंकज नौहवार के आश्रितों पत्नी मेघा को 20 लाख व माता-पिता को पांच लाख रुपए के चेक सौंपे.

(इनपुट – एजेंसी)