लखनऊ: गाजीपुर में पीएम मोदी की रैली के बाद भड़की हिंसा में कांस्टेबल सुरेश वत्स की मौत के बाद फिर से सवालों के घेरे में उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला. गाजीपुर की घटना को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है. अखिलेश यादव ने इस घटना के लिए सीएम योगी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘यह घटना इसलिए हुई है क्योंकि सीएम सदन में हों या किसी मंच पर उनकी एक ही भाषा है, ‘ठोक दो’ कभी पुलिस को नहीं समझ आता किसे ठोकना है और कभी जनता को नहीं समझ आता, किसे ठोकना है’ Also Read - लैब टेक्नीशियन की अपहण और मर्डर केस: अपर पुलिस अधीक्षक समेत 4 पुलिस अफसर सस्‍पेंड

बता दें कि गाजीपुर जिले में शनिवार को प्रधानमंत्री की रैली के बाद लौट रहे वाहनों पर एक स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया. इस पथराव और बवाल में एक पुलिस सिपाही की जान चली गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत सिपाही के परिजनों को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी तथा पत्नी को असाधारण पेंशन दिए जाने के निर्देश दिए हैं. गाजीपुर एसएसपी यशवीर सिंह के मुताबिक जनपद में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ता शहर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे थे जिनको पुलिस प्रशासन ने रोक रखा था लेकिन पीएम के जाते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और बवाल में पुलिसकर्मी की जान चली गई.

यूपी: पीएम के लौटते ही गाजीपुर में बवाल, प्रदर्शनकारियों ने वाहनों पर किया पथराव, एक पुलिसकर्मी की मौत

इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर बर्बाद कर दिया है. उनका आरोप है कि गाजीपुर में हुए बवाल को अगर प्रशासन चाहता तो रोक सकता था. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का कार्यक्रम था, वहां पर इतनी फोर्स थी, फिर भी ये हादसा बताता है कि क़ानून व्यवस्था के मामले में सरकार पूरी तरह से फेल है. उन्होंने कहा जहां योगी जी कहते है कि ‘ठोक दो’ तो कभी पुलिस को नहीं समझ नहीं आता कि किसको ठोंके और कभी जनता को नहीं समझ आ रहा है कि किसे ठोंके. दोनों कंफ्यूज हैं, पुलिस वाले ट्रांसफर से बचने के लिए एनकांउटर कर रहे हैं. वहीं डीजीपी ओपी सिंह ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीजीपी ने बताया कि अभी तक तीन मामलों में कुल 19 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं पुलिसकर्मी की मौत के मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.