बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के चिल्ला थाना इलाके के अतरहट गांव में दूसरी बेटी पैदा होने से नाराज ससुराल वालों ने महिला को बेटियों के साथ घर से निकाल दिया. ससुराल वाले महिला पर नवजात बेटी की हत्या का दबाव बना रहे थे. महिला ने जब ऐसा नहीं किया तो उसे घर से निकाल दिया. महिला को पहले से ही एक बेटी थी. मामले में चिल्ला पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. Also Read - Kanpur Encounter: परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी और 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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पति व ससुरालियों ने किया प्रताड़ित Also Read - बदमाशों ने पहले सड़क पर रखी JCB, फिर पुलिस वालों पर AK-47 से चला दीं ताबड़तोड़ गोलियां, जानिए घटना से जुड़ी बड़ी बातें

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार मामला बांदा जिले के चिल्ला थाना इलाके के अतरहट गांव का है. पुलिस के अनुसार गांव की रहने वाली महिला 26 साल की निर्मला देवी को एक बेटी थी. वह फिर से गर्भवती हुई और मायके में उसने 20 जनवरी, 2018 को एक और बेटी को जन्म दिया. इसके बाद वह हाल ही में जब मायके से ससुराल गई तो पति धीरेंद्र सिंह और ससुराल वालों ने पहले मासूम बेटी की हत्या करने को कहा. जब वह ऐसा करने को तैयार नहीं हुई तो महिला के साथ मारपीट की. और दोनों बेटियों के साथ उसे घर से निकाल दिया. एएसपी लाल भरत कुमार पाल ने सोमवार को बताया कि महिला के अनुसार ससुराल के लोग बेटा नहीं चाहते थे. ससुरालियों ने हाल ही में पैदा हुई बच्ची की हत्या का दबाव बनाया. एएसपी ने बताया कि इस मामले में चिल्ला पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

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बांदा में महिलाओं के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे महिला संगठन ‘नारी इंसाफ सेना’ की प्रमुख वर्षा भारतीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं’ का नारा बुंदेलखंड विशेषकर बांदा में बेमतलब साबित हो रहा है. यहां भाजपा के सिर्फ सांसद ही नहीं, बल्कि चारों विधानसभा क्षेत्रों की सभी 10 सीटों पर बीजेपी विधायक भी हैं, लेकिन बेटियों को बचाने कोई आगे नहीं आ रहा है.