कोरोना वायरस से संक्रमित होने के शक में यमुना एक्सप्रेस वे पर यूपी रोडवेज की एक बस से एक युवती फेंके जाने का मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक बस से फेंके जाने के कुछ ही मिनट में लड़की की मौत हो गई. Also Read - Coronavirus Cases In India: कोरोना से 24 घंटे में 861 लोगों ने गंवाई जान, 64 हजार से अधिक संक्रमित

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक युवती अपनी मां के साथ 15 जून को यूपी रोडवेज की बस से दिल्ली से शिकोहाबाद जा रही थी. रास्ते में बस की सवारियों ने युवती के कोरोना से संक्रमित होने का संदेश जताया. इसके बाद बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने युवती को फेंक दिया. लड़की का नाम अंशिका यादव था. बस से फेंके जाने के 30 मिनट के भीतर लड़की की मौत हो गई. Also Read - Sanjay Dutt Health Update: सांस लेने में संजय दत्त को हो रही थी प्रॉब्लम, कोरोना रिपोर्ट में हुआ यह खुलासा

यह मामला गुरुवार को सामने आया. इस बारे में दिल्ली महिला आयोग ने यूपी पुलिस को नोटिस भेजकर एक्शन टेकेन रिपोर्ट मांगा था. Also Read - केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को हुआ कोरोना, दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद AIIMS में भर्ती

लड़की का परिवार दो साल पहले यूपी के शिकोहाबाद से आकर दिल्ली के मंडावली इलाके में रह रहा था. इस मामले में परिवार ने पहले मथुरा पुलिस थाने से संपर्क किया था लेकिन उसने एफआईआर दर्ज नहीं किया. पुलिस ने युवती की मौत को स्वाभाविक मौत करार दिया था.

युवती के भाई विपिन यादव ने बताया कि उनकी बहन को ड्राइवर और कंडक्टर ने कंबल ओढाकर बस से खींचकर निकाल दिया. वे युवती को छूना नहीं चाहते थे इसलिए कंबल ओढाकर उसे उतारा. उनकी मां अपनी बेटी को बचाने का गुहार लगाते रही लेकिन लोगों ने कुछ नहीं सुना.