झांसी: आमतौर पर मान्यता है कि बहुएं अपनी सास, जेठानी और ननद से दूरी बनाकर चलती हैं, मगर झांसी में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. बहुओं ने अपनी सास और अन्य बुजुर्ग रिश्तेदारों के साथ जमकर धमाल मचाया. सभी ने मिल-जुलकर खूब मस्ती की और बुजुर्गो को खुशी और उनके खास होने का अहसास कराया.

नई व पुरानी पीढ़ी के तालमेल को बढ़ावा
गैर सरकारी सामाजिक संगठन जेसीआई (जूनियर चेंबर इंटरनेशनल) की इकाई झांसी मनस्विनी ने इंपैक्ट 2030 की थीम पर अपने बुजुर्गो के लिए एक खास मस्ती भरी, मनोरंजक शाम का आयोजन किया. इस आयोजन की खूबी यह थी कि सभी सदस्यों की मां, सास, चाची, जेठानी इत्यादि घर की बड़ी बुजुर्ग महिलाएं शामिल हुईं. जेसीआई झांसी मनस्विनी की अध्यक्ष रजनी गुप्ता ने बुधवार को एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य घर के बुजुर्गो को एक खुशनुमा माहौल में अपनी जूनियर पीढ़ी के साथ तारतम्य बनाना था. उन्हें एक टीम बन कर कई गेम्स में हिस्सा लेना था और जीतना था.

पीढ़ी के अंतर को सिर्फ आपसी मेल मिलाप से ही किया जा सकता है कम
कार्यक्रम के दौरान बैलून गेम में वर्षा साहू और दीपिका की जोड़ी और संजू सैनी व बालाजी की जोड़ी विजेता रही. इसके अलावा रेनी डे हाउजी इत्यादि में सभी ने अपनी-अपनी जोड़ियों के साथ उत्साह के साथ भाग लिया. कार्यक्रम संयोजक उषा सचान का कहना है कि पीढ़ी के अंतर को सिर्फ आपसी मेल मिलाप से ही कम किया जा सकता है.

बुजुर्गो में जीने की ललक बढ़ाते हैं ये आयोजन
बुजुर्गो को कभी इस बात का अहसास नहीं होना चाहिए कि उन्हें सबसे दूर किया गया है, वे उम्र दराज हो गए हैं. इस तरह के आयोजन बुजुर्गो में जीने की ललक बढ़ाते हैं. कार्यक्रम में मनस्विनी के सदस्यों के परिवार की वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लिया. यहां नई और पुरानी पीढ़ी के बीच हुए मनोरंजक कार्यक्रमों ने माहौल को खुशनुमा बनाए रखा.