लखनऊ| गोरखपुर में महिला आईपीएस अफसर को फटकार लगाने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद बीजेपी विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने दावा किया है कि पुलिस नियमों का उल्लंघन करते हुए आवासीय क्षेत्र में शराब की दुकान चलाने की इजाजत दे रही है. गोरखपुर सदर से विधायक अग्रवाल ने कहा कि कानून के अनुसार शहर की आबादी के 50 मीटर के दायरे में शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती है फिर भी दुकाने खोली गई. विधायक ने यह भी कहा कि वे शराब की दुकानों को बंद करने के लिए टाउनहाल पर महात्‍मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठेंगे.

बता दें कि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है. गोरखनाथ मंदिर, जिसमें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ प्रमुख पुजारी हैं वहां से अग्रवाल ही विधायक है. रविवार को विधायक अग्रवाल और महिला आईपीएस अफसर चारु निगम के बीच बहस हुई थी. विधायक ने आईपीएस अधिकारी को कथित तौर पर फटकार लगाईं थी जिसके बाद अधिकारी के रो पड़ी. विधायक और आईपीएस अफसर के बीच हुई बहस का वीडियो भी वायरल हुआ.

विधायक ने इल्जाम लगाया की जिला प्रशासन ने चिलुवाताल पुलिस स्टेशन की हद में शुरू हुई शराब की दुकानों को बंद करने को कहा था. मगर दुकाने बंद नहीं हुई जिसके खिलाफ स्थानीय महिलाए विरोध प्रदर्शन कर रही थी. आईपीएस अधिकारी ने महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए.

अपने धरने के बारे में जानकारी देते हुए विधायक अगरवाल ने कहा कि वह इलाके के लोगों की गई शिकायत को जिला मजिस्ट्रेट तक पहुंचाएंगे.

इसबीच उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल का बचाव किया है. मौर्य ने कहा, ‘‘जनप्रतिनिधियों को कई बार मौके पर पहुंचना पडता है. अधिकारियों को संतुलन रखना चाहिए। समस्याएं सुनने के बाद और बहस से बचने के लिए (जनप्रतिनिधि) रास्ता निकालने की कोशिश करते हैं. अच्छा हो कि ये घटनाएं ना हों.”