गोरखपुर: गोरखपुर से नवनिर्वाचित सांसद प्रवीण निषाद खुद के प्रति बेरुखी के चलते इन दिनों परेशानी में हैं. उनका कहना है कि वह गोरखपुर के सांसद हैं. जनता की समस्याएं उठाना चाहते हैं, लेकिन गोरखपुर में सब बीजेपी के सेवक हो गए हैं. डीएम से लेकर पुलिस तक उनकी बात नहीं सुनी जा रही है. उनका कोई फ़ोन तक नहीं उठाता है. उन्होंने कहा कि वह इतने परेशान हैं कि प्रेस कांफ्रेस कर ये बात बतानी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि सीएम गोरखपुर के हैं, इसलिए सब उनके दबाव में काम करते हैं. वह ये मुद्दा संसद में उठाएंगे. Also Read - केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- कमलनाथ ने दलितों का अपमान किया, पार्टी से निकाले कांग्रेस

Also Read - भाजपा विधायक ने दिए बगावत के संकेत, बोले- येदियुरप्पा लंबे समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे

संसद में उठाएंगे ये मुद्दा Also Read - राहुल गांधी की नाराजगी को भी कमलनाथ ने नहीं दी 'तवज्जो', 'आइटम' वाले बयान पर माफी मांगने से इनकार

योगी आदित्यनाथ के कारण कभी बीजेपी का गढ़ मानी जाती रही गोरखपुर की सीट पर उपचुनाव में बीजेपी को हराकर सांसद बने प्रवीण निषाद ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर जिले से हैं. इसलिए कोई भी अधिकारी उनकी कोई बात सुन नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि वह अधिकारियों को फ़ोन करते हैं, लेकिन उनका फ़ोन तक नहीं उठाया जाता है. गोरखपुर में प्रेस कांफ्रेस कर सपा सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि जनता से जुड़े मामलों को लेकर डीएम से लेकर दूसरे अधिकारियों को लिख रहा हूँ. फ़ोन कर रहा हूँ, लेकिन उन्हें कोई जवाब तक नहीं दिया जा रहा है. सपा सांसद ने कहा कि जिला प्रशासन जनता के लिए है या बीजेपी की सेवा करने के लिए है. उन्होंने कहा कि वह ये मुद्दा लोकसभा में उठाएंगे.

ये भी पढ़ें: जानें कौन हैं भाजपा के गढ़ में योगी को पटखनी देने वाले प्रवीण निषाद

बता दें कि 28 साल के प्रवीण निषाद हाल ही में हुए उपचुनाव में बीजेपी के कैंडिडेट को हराकर गोरखपुर के सांसद बने हैं. इस सीट पर 28 सालों से योगी आदित्यनाथ और योगी गोरक्षनाथ पीठ का दबदबा था. योगी यहां से 5 बार सांसद रहे, लेकिन इस बार बीजेपी का वर्चस्व इस सीट से ख़त्म हो गया.