लखनऊ : उत्तर प्रदेश के गवर्नर राम नाईक ने अखिलेश यादव के बंगले पर तोड़फोड़ की मीडिया में आई ख़बरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके सहयोगियों पर उनको आवंटित 4 विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकारी बंगला छोड़ने से पूर्व उसमें बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ का आरोप है. गवर्नर राम नाईक ने इस कथित तोड़फोड़ को गंभीर मामला बताते हुए सीएम से इस मामले में कार्यवाही करने की मांग की है. Also Read - ई-कॉमर्स वेबसाइट से ICAR के अधिकारी ने मंगवाया था फोन, डिब्बा खोला और फिर...

मीडिया में प्रकाशित ख़बरों और तस्वीरों के बाद गवर्नर राम नाईक ने इसे एक गंभीर मसला बताते हुए स्वंय मामले का संज्ञान लिया और राज्य संपत्ति विभाग के अफसरों को बुलाकर इससे सम्बंधित जानकारी ली. सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव को आवंटित 4 विक्रमादित्य मार्ग, आवास को खाली किए जाने से पूर्व उसमें की गई तोड़फोड़ तथा उसे क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला मीडिया तथा जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है. यह एक नितान्त अनुचित व गम्भीर मामला है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है. उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाए जाने के विरूद्ध दोषी के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्यवाही की जाए. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: बीच चुनाव नीतीश से 'दूरी' बनाने लगी भाजपा, 10 नवंबर को राज्य में बदलेगा नेतृत्व!

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 3 जून को सरकारी बंगला खाली कर दिया था और 9 जून को इसकी चाभियां राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंप दी थीं. जिसके बाद  संपत्ति विभाग की टीम जब बंगले में गई देखा कि सरकारी बंगले की में टाइल्स उखाड़ने से लेकर एसी स्विच, पानी के टैप तक को निकाल लिया गया था. बंगले के स्वीमिंग पूल और बैडमिंटन कोर्ट को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था यहां तक कि चाट को भी नुकसान पहुंचाया गया था. Also Read - Dark Spot On Legs: अगर पैरों पर हो रहे हैं डार्क स्पॉट तो जानें घरेलू नुस्खे की मदद से कैसे पाएं छुटकारा

बंगले की तस्वीरें मीडिया में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की खूब फजीहत हुई. बीजेपी के नेताओं ने अखिलेश पर राज्य सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. हालांकि अखिलेश यादव ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए सत्ता पक्ष पर तो तंज कसा ही साथ ही सरकारी अधिकारियों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि अधिकारी जान लें कि सत्ता बदलती रहती है उन्होंने यहां तक कहा कि उन पर आरोप लगाने वाले ये वही अधिकारी हैं जो उनके सामने प्लेट कटोरी उठाते थे. हालांकि अखिलेश के इस बयां पर भी उनकी खूब निंदा हो रही है. वहीँ समाजवादी पार्टी इसे उपचुनावों में मिली हार के बाद तिलमिलाई बीजेपी द्वारा सपा मुखिया अखिलेश यादव की छवि खराब करने की ओछी हरकत करार दिया है.