झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए करगुवां गांव के पुष्पेंद्र यादव की 90 वर्षीय दादी की रविवार तड़के सदमे के चलते मौत हो गई. पुष्पेंद्र यादव के बहनोई राजू यादव ने फोन पर बताया, पांच-छह अक्टूबर की रात पुष्पेंद्र के कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उनकी 90 साल की दादी सदमे में आकर खाना-पीना छोड़ दिया था और रविवार (आज) तड़के घर पर ही उनका निधन हो गया. राजू यादव ने बताया, दादी के निधन से एक बार फिर गांव में शोक की लहर है और करीब दो सौ लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मौजूद हैं.

वहीं पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर (Pushpendra Yadav Encounter Case) मामले में सियासत तेज हो गई है. प्रगतिशील सामजवादी पार्टी (लोहिया) के बाद अब बीते दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) झांसी गए. इससे पहले सपा के ट्विटर हैंडल और झांसी पुलिस (Jhansi Police) प्रशासन के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया. झांसी पुलिस ने सोमवार को ट्विटर पर लिखा, कृपया ध्यान दें- पुष्पेंद्र प्रकरण में भ्रामक खबर, अफवाह न फैलाएं. अन्यथा अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जाएगी. झांसी के डीएम के आदेशानुसार मजिस्ट्रीरियल जांच के आदेश दिए गए हैं. अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जनपद झांसी द्वारा मजिस्ट्रीरियल जांच की जा रही है.

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सपा (Samajwadi Party) ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया, पुष्पेंद्र यादव की निर्मम हत्या के आरोपों में घिरी ‘हत्या प्रदेश’ की पुलिस अब ट्विटर पर भी दमनकारी रूप दिखा रही है. मृतक और उसके शोकाकुल परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए उठ रही आवाजों को कहां तक दबाएगी सरकार? शर्मनाक. इससे पहले मंगलवार को प्रगतिशील सामजवादी पार्टी (लोहिया) अध्यक्ष शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव और वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले तेज बहादुर सिंह यादव ने विरोध दर्ज कराया था.

गौरतलब है कि 5 अक्टूबर को झांसी के मोंठ में पुष्पेंद्र यादव नाम के शख्स का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. पुष्पेंद्र (29) खनन के काम से जुड़ा हुआ था. गुस्साए परिजनों ने जब न्याय की मांग को लेकर पुष्पेंद्र का शव लेने से इनकार कर दिया, इसके बाद पुलिस ने खुद ही पुष्पेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया. इसकी परिजनों को जानकारी तक नहीं दी गई.

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एनकाउंटर को लेकर झांसी पुलिस का कहना था कि पुष्पेंद्र यादव ने पुलिस पर पहले गोली चलाई, इसके बाद पुलिस ने अपने बचाव में गोली चलाई, इससे पुष्पेंद्र की मौत हुई. खनन को लेकर पुलिस कार्रवाई करना चाह रही थी. और पुष्पेंद्र पुलिस से उलझ रहा था. वहीं, पुष्पेंद्र की पत्नी का आरोप है कि पुष्पेंद्र द्वारा झांसी पुलिस को खनन के एवज में डेढ़ लाख रुपए दिए जा चुके थे, इसके बाद भी पुलिस और रुपए मांग रही थी. रिश्वत नहीं देने पर पुलिस ने पुष्पेंद्र को गोली मार दी.

(इनपुट-आईएएनएस)