लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दो इमारतें ढहने की घटना के बाद शुक्रवार को भी राहत और बचाव कार्य चल रहा है. इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है. मलबे में से गुरुवार को पांच और शवों को बाहर निकाले गए थे. अधिकारियों ने अब भी किसी भी जीवित व्यक्ति/शव की तलाश जारी रखी है. एक अधिकारी ने कहा कि मंगलवार की रात शाहबेरी गांव में ढही हुई इमारतों में फंसे हुए लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद बेहद कम है, क्योंकि 40 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है. Also Read - Covid-19: यूपी सरकार का बड़ा कदम, 4.81 लाख श्रमिकों के भरण-पोषण के लिए जारी किये एक-एक हजार रुपये

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उप महानिरीक्षक (संचालन) आर.के.राणा ने आईएएनएस से कहा, “हमारे पास लापता लोगों के बारे में कोई और सूचना नहीं है. इसलिए, मलबे में फंसे हुए ज्यादा शवों को पाने की संभावना कम है. हालांकि, फंसे हुए लोगों की संख्या ज्ञात नहीं है, इसलिए इसके बारे में पुष्टि करना जल्दबाजी होगा. उन्होंने कहा कि अब तक नौ शव मिले हैं. मलबे को हटाने का काम जारी है. जगह की कमी के कारण इसमें समय लगेगा.

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बुधवार को चार व गुरुवार को निकाले गए थे पांच शव
उन्होंने कहा कि मलबे में से बुधवार को चार शव निकाले गए थे जबकि गुरुवार की सुबह पांच और शव निकाले गए. एक राहतकर्मी ने आईएएनएस को बताया कि पड़ोसियों द्वारा बताई जानकारी के आधार पर अभी भी कम से कम 20 लोग मलबे में फंसे हैं. छह मृतकों की पहचान कर ली गई है, जिसमें मैनपुरी की प्रियंका त्रिवेदी (26), फैजाबाद के शमशाद (25), रंजीत भिमाली (30), राज कुमार (50), शिव त्रिवेदी (28) और 14 माह की पंखुड़ी शामिल हैं.

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मामले की जांच के आदेश, आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवार को दो-दो लाख रुपये की राहत राशि की घोषणा की है. गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी ने पहले ही मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. इस संबंध में दो दर्जन लोगों और चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें बिल्डर गंगा शरण द्विवेदी, ब्रोकर दिनेश और संजीव को गिरफ्तार किया गया है.