Guidelines For Religious Places In Uttar Pradesh: देश में कोरोना का कहर एक बार फिर जारी है. भारत में हर दिन रिकॉर्ड नए मामले दर्ज किये जा रहे हैं. कोरोना के कहर को देखते हुए राज्य सरकारों ने नाइट कर्फ्यू और लॉकडाउन जैसे कड़े प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिये हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के सभी धार्मिक स्थलों पर एक बार में सिर्फ 5 लोगों को ही प्रवेश देने का फैसला किया है.Also Read - UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को मिली जमानत पर लगायी रोक

लखनऊ में शनिवार को 4,059 नए मामले सामने के बाद सक्रिय मामलों की संख्या 16,690 हो गई है. शनिवार को देर रात की समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने एक समय में एक धार्मिक स्थल में 5 से अधिक लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है. जबकि अगले मंगलवार से नवरात्रि का त्योहार और बुधवार से रमजान का महीना शुरू होने जा रहा है. Also Read - UP News: गोरखपुर में एक और हत्या, 25 साल के शख्स को पीट-पीटकर मार डाला | CCTV में कैद हुई वारदात

इस बीच राज्य की राजधानी में अस्पताल के बेड में भारी कमी को देखते हुए सरकार ने 3 अस्पतालों- एरा मेडिकल कॉलेज, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज को समर्पित कोविड सुविधाओं में बदलने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कम से कम 2,000 आईसीयू बेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है और एक सप्ताह के भीतर 2,000 और बेड का इंतजाम करने के लिए कहा है. वहीं रविवार से बलरामपुर अस्पताल में 300 बेड वाली कोविड सुविधा भी शुरू होगी. जिला मजिस्ट्रेट को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि जिले के किसी भी कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी न हो. Also Read - अयोध्या की रामलीला में नजर आएंगे बड़े सितारे, शबरी मां की भूमिका निभाएंगी पद्मश्री मालिनी अवस्थी

इससे पहले मथुरा के जिला प्रशासन ने फैसला किया कि बिना मास्क पहने जिले के मंदिरों में लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना तथा अन्य मंदिरों में मास्क के बिना किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मंदिर जाते समय लोगों को कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा. बता दें कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय बाद शनिवार को कोविड-19 के मामलों में तीव्र वृद्धि हुई है और संक्रमण के 12,787 नये मामले सामने आए. इस दौरान 48 लोगों की मौत भी हो गई.

(इनपुट: IANS, भाषा)