लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु गोरखनाथ की मान्यता भारत के साथ ही पाकिस्तान में भी है और उनकी मौजूदगी वहां की कई लोक कथाओं में देखी जाती है. मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लखनऊ हिंदी भवन के यशपाल सभागार में नाथ संप्रदाय की महत्ता पर प्रकाश डाला. इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी मौजूद रहे.

 

इस दौरान योगी ने कहा कि गोरखनाथ की मान्यता भारत के साथ ही पाकिस्तान, भूटान, नेपाल तथा म्यांमार में भी है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं पिछले 25 वर्ष से गुरु गोरखनाथ की परंपरा से जुड़ा हूं. उन्होंने कहा कि देवीपाटन में नाथ संप्रदाय का मंदिर है. यहां आज भी नवरात्र में नेपाल से हजारों श्रद्धालु आते हैं. 10वीं शताब्दी में नए नेपाल की स्थापना गुरु गोरखनाथ ने ही की थी. वहां अभी भी गुरु जी के नाम से मुद्रा है.

बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा में भी नाथ संप्रदाय की बड़ी आबादी
योगी ने कहा कि नेपाल में तीन कालखंडों से गोरखनाथ की उपस्थिति रही है. मान्यता है कि एक बार गोरखनाथ नेपाल गए तो राजा ने उनकी उपेक्षा की. तब गुरु गोरखनाथ ने वहां मेघों (बादल) को बांध दिया था. नेपाल में तब 12 वर्ष बारिश नहीं हुई थी. इसके बाद राजा ने गोरखनाथ से माफी मांगी. इसी मान्यता के आधार पर आज तक वहां हर वर्ष बड़ा आयोजन होता है. बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा में भी बड़ी आबादी नाथ संप्रदाय से जुड़ी हुई है.