Gyanvapi Case: व्यास जी के तहखाने में जारी रहेगी पूजा, मस्जिद कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी राहत नहीं; 6 फरवरी को अगली सुनवाई

Gyanvapi Case Update: वाराणसी की अदालत ने 31 जनवरी, 2024 को दिए अपने आदेश में हिंदू श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर व्यास जी के तहखाने में पूजा अर्चना करने की अनुमति दी थी.

Published date india.com Updated: February 2, 2024 2:19 PM IST
कोर्ट के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूजा शुरू हो गई है.
कोर्ट के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूजा शुरू हो गई है.

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के तहखाने में व्यास जी (Vyas Ji Tehkhana) की पूजा रुकवाने के लिए हाईकोर्ट पहुंची मस्जिद कमेटी को राहत नहीं मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई और कोर्ट ने तहखाने में पूजा पाठ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने मस्जिद कमेटी (Gyanvapi Masjid Committee) की याचिका पर सुनवाई 6 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी. मस्जिद कमेटी ने वाराणसी की जिला अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

छह फरवरी को अगली सुनवाई

न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई छह फरवरी तक के लिए स्थगित की. अदालत में दाखिल अपील में काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यासी मंडल और आचार्य वेद व्यास पीठ मंदिर के मुख्य पुजारी शैलेन्द्र कुमार पाठक को पक्षकार बनाया गया है. वाराणसी की अदालत के निर्णय के खिलाफ दाखिल अपील में दलील दी गई है कि यह वाद स्वयं में पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के तहत पोषणीय नहीं है. साथ ही तहखाने के व्यास परिवार के स्वामित्व में होने या पूजा आदि के लिए देखरेख किए जाने की कोई चर्चा नहीं थी, जैसा कि मौजूदा वाद में दावा किया गया है.

मस्जिद कमेटी की याचिका में क्या?

अपील में यह भी आरोप है कि इस वाद को दायर करने का मुख्य उद्देश्य ज्ञानवापी मस्जिद के संचालन को लेकर विवाद पैदा करना है, जहां नियमित रूप से नमाज अदा की जाती है. वाराणसी की अदालत ने 31 जनवरी, 2024 को दिए अपने आदेश में हिंदू श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर व्यास जी के तहखाने में पूजा अर्चना करने की अनुमति दी थी. अदालत ने कहा था कि जिला प्रशासन अगले सात दिनों के भीतर इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करे.

(इनपुट: एजेंसी से भी) 

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.