Gyanvapi Case: व्यास जी के तहखाने में पूजा के बाद अब गूंजेगी घंटे की आवाज, 31 साल बाद हो रहा ऐसा | VIDEO

Gyanvapi Case Update: वाराणसी की जिला अदालत ने बीते 31 जनवरी को दिए अपने आदेश में हिंदू श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर व्यास जी के तहखाने में पूजा की इजाजत दी थी.

Published date india.com Updated: February 5, 2024 4:32 PM IST
कोर्ट के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूजा शुरू हो गई है.
कोर्ट के आदेश के बाद व्यास जी के तहखाने में पूजा शुरू हो गई है.

Gyanvapi Case: वाराणसी की जिला अदालत के फैसले के बाद ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में व्यास जी (Vyas Ji Tehkhana) की पूजा-अर्चना शुरू हो चुकी है. व्यास जी के तहखाने में अब घंटे की आवाज भी गूंजेगी. वाराणसी के रहने वाले दो भक्तों ने तलगृह के लिए 11 किलो का घंटा ,आरती स्टैंड, घंटी और घड़ियाल दान किया है. इस बारे में अपर जिला मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर स्वीकारोक्ति का अनुरोध किया गया, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया. बताया गया है कि दान विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को सौपा जाएगा.

मालूम हो कि कोर्ट के आदेश के बाद 31 साल बाद ज्ञानवापी (Gyanvapi Latest Update) में व्यास जी के तहखाने में फिर से पूजा की शुरुआत की गई है. अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद कमेटी ने पूजा रुकवाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली है.

बीते शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई और कोर्ट ने तहखाने में पूजा पाठ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने मस्जिद कमेटी (Gyanvapi Masjid Committee) की याचिका पर सुनवाई 6 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी.

लग रही श्रद्धालुओं की लंबी कतार

काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालु ज्ञानवापी परिसर में स्थित तहखाने को देखने के लिए भी कतार में लग रहे हैं, जिसे वाराणसी की एक अदालत के हालिया आदेश के बाद पूजा-अर्चना के लिए खोल दिया गया है. काशी विश्वनाथ मंदिर के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रबंधन में जुटे हैं.

काशी विश्वनाथ मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी पीयूष तिवारी ने बताया कि ‘श्रद्धालु तहखाने में पूजा करने के लिए उत्साहित हैं. फिलहाल, जिला प्रशासन के निर्देश पर हमने झांकी दर्शन कराने की व्‍यवस्‍था की है.’ तिवारी ने कहा, ‘व्यवस्था के तहत काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बाहर निकलने वाले श्रद्धालु मस्जिद परिसर की सीमा पर लगाए गए अवरोधकों के पास से एक झरोखे (खिड़की) से तहखाने को देख सकते हैं. पहले यह क्षेत्र टिन की चादरों से ढका हुआ था, जिसे अदालत के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने हटा दिया है.

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कोर्ट ने ‘जल्दबाजी’ में फैसला सुनाया: AIMPLB

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शुक्रवार को दावा किया कि वाराणसी जिला अदालत ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में स्थित तहखाने में ‘पूजा’ करने की अनुमति देने संबंधी फैसले पर ‘जल्दबाजी’ में पहुंची है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि वह न्याय पाने के लिए इस मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाएगा. AIMPLB के तत्वावधान में मुस्लिम संगठनों ने यह भी कहा कि देश में उत्पन्न होने वाले विवादों को रोकने के लिए पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए.

(इनपुट: एजेंसी से भी)

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