Gyanvapi Masjid 2022: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) मामले में कोर्ट के आदेश के बाद आज का सर्वे खत्म हो चुका है. तहखाने के अंदर के सभी कमरों का सर्वे किया जा चुका है. वहीं कल यानी रविवार को भी सर्वे जारी रहेगा.  17 मई को सर्वे (Gyanvapi Masjid Survey) की रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाना है.  बता दें कि सर्वे के बाद वाराणसी के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ज्ञानवापी मस्जिद की परिसर से निकल चुके हैं. इस दौरान 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा में तैनात किया गया था. बता दें कि सर्वे की टीम में मुकदमे के वादी, प्रतिवादी, उससे जुड़े अधिवक्ता, अधिवक्ता आयुक्त और सहायक अधिवक्ता आयुक्त शामिल हैं.Also Read - ज्ञानवापी मामला: सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष ने दाखिल किया लिखित जवाब, कहा- विवादित स्थान पर मुसलमानों का हक नहीं

तीन कमरों का सर्वे पूरा

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में जिन तहखानों के कमरों का सर्वे किया जाना था, उन चार में से तीन कमरों का सर्वे पूरा किया जा चुका है. कुल 4 कमरों में से तीन कमरे मुस्लिम पक्ष और एक हिंदू पक्ष के पास है. इन तीनों कमरों का सर्वे पूरा कर लिया गया है और अब पश्चिमी दीवार का सर्वे किया जा रहा है. हालांकि अभी तहखाने के एक कमरे का सर्वे होना बाकी है. बता दें कि 52 लोगों की टीम सर्वे में शामिल है. सुरक्षा के लिहाज से मस्जिद के 500 मीटर के इलाके में लोगों की एंट्री के बैन कर दिया गया है. Also Read - ताल ठोक के: ज्ञानवापी मंदिर है या मस्जिद? वाराणसी के गंगा घाट से देखिए तथ्यों की झड़ी | Watch Video

पुलिस बल तैनात

ज्ञानवापी सर्वे को लेकर यूपी के वाराणसी में मस्जिद के आसपास के इलाके में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. जल्द ही वीडियोग्राफी सर्वे शुरू होगा. याचिकाकर्ता राखी सिंह के अधिवक्ता शिवम गौर ने बताया कि आज हम अंडरग्राउंड सेल में प्रवेश करेंगे और वीडियोग्राफी शुरू करेंगे. वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के लिए टीम पहुंच चुकी है और यहां सर्वे टीम का मोबाइल फोन फिलहाल जमा करा लिया गया है. Also Read - Controversial Mosques in India: ज्ञानवापी, कुतुब मीनार और ताजमहल समेत इन ढांचों पर है विवाद, जानें क्या हिंदू और मुसलमान का मत

सुरक्षा के लिए लिहाज से पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. साथ ही विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार एंट्री प्वाइंट से पहले ही मीडिया को रोक दिया गया है. बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अचानक यह मामला उनके सामने आया है जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. पेपर व दस्तावेजों को देखने के बाद ही वह फैसला लेंगे कि क्या करना है.

तहखानें के सभी कमरों का सर्वे पूरा

ज्ञानवापी मस्जिद के तहखानों में मौजूद चारों कमरों के सर्वे को पूरा कर लिया गया है. तहखाने के कुछ तालों को खोलना पड़ा तथा कुछ तालों को प्रशासन ने तोड़ा. बता दें कि कल ऊपर के कमरों का सर्वे किया जाएगा. आज के सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. ज्ञानवापी परिसर से जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर बाहर निकल चुके हैं.

क्या बोले अधिकारी

वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, सर्वे कार्य शांतिपूर्ण तरीके से चला. किसी भी पक्ष ने कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया. सब कुछ सामान्य है. हम (पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट) सर्वे कार्य की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. गणेश ने कहा, आज का सर्वेक्षण पूरा हो गया है. कल (रविवार) यह एक बार फिर शुरू किया जाएगा. एहतियात के तौर पर शनिवार को 1,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और पीएसी जवानों को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की सुरक्षा में तैनात किया गया था.

अधिकारियों के अनुसार, परिसर की वीडियोग्राफी के लिए विशेष लाइट और कैमरे की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि सर्वे टीम में मुकदमे के वादी, प्रतिवादी, उससे जुड़े अधिवक्ता, अधिवक्ता आयुक्त और सहायक अधिवक्ता आयुक्त शामिल हैं. ज्ञानवापी मस्जिद प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ धाम के करीब स्थित है और स्थानीय अदालत महिलाओं के एक समूह द्वारा इसकी बाहरी दीवारों पर मूर्तियों के सामने दैनिक प्रार्थना की अनुमति मांगने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही है. जिलाधिकारी शर्मा ने इससे पहले कहा था कि शुक्रवार को सभी संबंधित पक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें उनसे अदालत द्वारा गठित आयोग के काम में अवरोध उत्पन्न न करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने की अपील की गई थी.

कोर्ट ने याचिका की खारिज

उल्लेखनीय है कि वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य कराने के लिए नियुक्त अधिवक्ता अयुक्त अजय मिश्रा को पक्षपात के आरोप में हटाने की मांग संबंधी याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी थी. अदालत ने स्पष्ट किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर भी वीडियोग्राफी कराई जाएगी. दीवानी अदालत के न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) दिवाकर ने अधिवक्ता आयुक्त मिश्रा को हटाने संबंधी याचिका को नामंजूर करते हुए विशाल सिंह को विशेष अधिवक्ता आयुक्त और अजय प्रताप सिंह को सहायक अधिवक्ता आयुक्त के तौर पर नियुक्त किया था. उन्होंने संपूर्ण परिसर की वीडियोग्राफी करके 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे.