बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बिजली समस्या से जूझ रहे और जिलाधिकारी की वादाखिलाफी से गुस्साए 500 किसानों ने रविवार को जसपुरा विद्युतगृह (पावर हाउस) पर जबर्दस्त प्रदर्शन किया, गेट में ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए. किसानों का जिलाधिकारी पर आरोप है कि वो उनकी समस्या का निराकरण नहीं कर रहे. उनका कहना है कि समस्या का समाधान होने तक वो अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे.

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बेमियादी धरने पर किसान
किसानों का आरोप है कि जिलाधिकारी ने तीन दिन की मोहलत लेने के बाद भी विद्युत समस्या का निस्तारण नहीं किया है, जिससे रबी की फसल की बुआई नहीं हो पा रही है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जसपुरा मंडल इकाई के प्रभारी सूर्यपाल सिंह चौहान ने बताया कि 6 नवंबर को आयोजित तहसील दिवस पर 25 गांवों के किसानों ने मौजूद जिलाधिकारी से कहा था कि बिजली के कम वोल्टेज की वजह से खेतों में पलेवा नहीं हो रहा है, जिससे हजारों बीघे खेत में रबी की फसल की बुआई नहीं हो पाएगी और खेत परती पड़े रह जाएंगे. जिलाधिकारी ने समस्या के निदान के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन वह वादाखिलाफी कर गए.

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उन्होंने कहा, “जिलाधिकारी की वादाखिलाफी से गुस्साए करीब पांच सौ किसानों ने रविवार को जसपुरा विद्युत पावर हाउस पर प्रदर्शन करने के बाद ताला लगा दिया है और बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं.”
पैलानी के उपजिलाधिकारी राकेश कुमार ने फोन पर कहा, “अभी मैं क्षेत्र से बाहर हूं, किसानों की बिजली समस्या की जानकारी पहले से है. लेकिन, दिवाली की छुट्टी होने की वजह से निस्तारण नहीं हो पाया है.” उन्होंने कहा कि धरना दे रहे किसानों को समझाने के लिए विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को मौका पर भेजा जा रहा है, उनकी समस्या जल्द ही सुलझा ली जाएगी. (इनपुट एजेंसी)