नई दिल्ली: हाथरस में 19 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप मामले की जांच में जुटी एसआईटी की टीम एक बार फिर से पीड़िता के घर पहुंची है. बातया जा रहा है कि पांच सदस्यीय टीम एक बार फिर से परिवार वालों के बयान दर्ज करेगी. एसआईटी की टीम पहले ही पीड़िता की मां और दो भाइयों के बयान दर्ज कर चुकी है. जानकारी के अनुसार परिवार के कुछ सदस्यों को बयान दर्ज नहीं हो पाया था जिसमें पीड़िता के पिता भी मौजूद हैं.Also Read - आगरा में मृत सफाई कर्मचारी अरुण वाल्मीकि के परिवार से म‍िलीं प्रियंका गांधी, प्रशासन 10 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देगा

एसआईटी इस मामले में आज उनका भी बयान दर्ज करेगी. एसआईटी की टीम के साथ एक मेडिकल टीम भी मौजूद है. बता दें कि एसआईटी की टीम कल भी गांव आई थी परिवार वालों से बात करने लिए लेकिन परिवार के सदस्यों की ऐसी कंडीशन नहीं थी कि वे बात कर सकें. Also Read - Noida: जुलूस में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

Also Read - UP: 25 लाख की चोरी के मामले में सफाईकर्मी की हिरासत में मौत पर हंगामा, आगरा जा रहीं प्र‍ियंका गांधी हिरासत में

दूसरी तरफ से इस घटना से प्रदेश की सरकार चारो तरफ से घिरी हुई है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना की सीबीआई जांच की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर इस मामले की सीबीआई जांच कराने के फैसले के बारे में जानकारी दी. कार्यालय के मुताबिक मुख्‍यमंत्री ने पूरे हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है.

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और उससे जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से उप्र सरकार इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है.’’

शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के प्रदेश के अपर सचिव अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी परिवार से मिलने गए थे. उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कथित सामूहिक बलात्कार घटना की पीड़िता के परिजनों से शनिवार को मिलने के बाद कहा कि एसआईटी परिवार द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गौर करेगी तथा दोषियों के विरूध्द कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा गांव में सुरक्षा के भी इंतजाम किये जायेंगे और इसके लिये जिले के आला अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं.

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था. मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, जिसके बाद बुधवार तड़के उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में ही अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया. बहरहाल, स्थानीय पुलिस का कहना है कि ‘‘परिवार की इच्छा के मुताबिक’’ अंतिम संस्कार किया गया.