Hathras gangrape case: हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए राजनीतिक पार्टियों का तांता लग गया है. शनिवार रात कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड़ा पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे तो वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निदेश पर पार्टी का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल रविवार को हाथरस के बुलगड़ी गांव पहुंचकर पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंचा.Also Read - यूपी के फिरोजाबाद का नाम बदलकर चंद्रनगर करने का प्रस्ताव, सपा, बसपा और कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति

हालांकि गांव से 1 किलोमीटर दूर मुख्य सड़क पर पुलिस द्वारा समाजवादी कार्यकतार्ओं पर बल प्रयोग हुआ. वहीं सवर्ण समाज के लोगों के ऊपर भी लाठीचार्ज किया गया. कुछ देर के लिए हालात ऐसे हो गए कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया. Also Read - लालू यादव सपा संस्‍थापक मुलाय‍म सिंह से मिले, अखिलेश यादव भी रहे मौजूद

इस प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन, पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव और अक्षय यादव और अन्य सदस्य शामिल थे. सभी ने गांव के अंदर जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीना ने बताया, “आदेशानुसार 5 लोगों की ही इजाजत है, सिर्फ उन्हें ही परिवार से मिलने की इजाजत देंगे. अन्यथा कार्यकताओं को जाने की इजाजत नहीं होगी. और किसी तरह का उपद्रव करने की कोशिश करेंगे तो हम उससे निपटने के लिए तैयार हैं.” वहीं सपा नेता धमेंद्र यादव ने कहा कि परिवार बहुत असन्तुष्ट है बहुत दर्द में है और बहुत परेशानी में है. एक तो उनके परिवार की बेटी चली गई है वहीं प्रशासन द्वारा जितना अत्यचार होना था वो हुआ, बेटी के इलाज में लापरवाही हुई, बेटी की पोस्टमार्टम में देरी हुई. Also Read - कभी पुलिस के खिलाफ लड़ती थी ये खूंखार पूर्व नक्सली लड़की, सभी हथियार चलाने में एक्सपर्ट; अब पुलिस में ही शमिल होना चाहती है

वहीं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे भीम आर्मी नेता चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें आगे नहीं जाने दिया. उन्हें अलीगढ़ से हाथरस के बीच रोका गया. मामले ने अब जातीय संघर्ष का भी रूप ले लिया है. गांव के बाहर विवाद जैसी स्थिति पैदा हो गई है, एक तरफ सवर्ण समाज के लोग आरोपियों को रिहा करो के नारे और जांच की मांग कर रहे थे, वहीं 200 मीटर के दायरे में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी नारे लगाते नजर आए.

(इनपुट आईएएनएस)