Hathras Gangrape: हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद सियासत गरमाई हुई है. विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है. वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित की है और 7 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है.Also Read - Noida: जुलूस में लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनसे फोन पर बात की और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने के निर्देश दिए. यूपी के सीएम ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगा. उधर, जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी रजामंदी के बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. Also Read - UP: 25 लाख की चोरी के मामले में सफाईकर्मी की हिरासत में मौत पर हंगामा, आगरा जा रहीं प्र‍ियंका गांधी हिरासत में

हाथरस के डीएम ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, ‘परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप गलत है. पिता और भाई ने रात में अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी सहमति दी थी. अंतिम संस्कार के समय परिवार के सदस्य भी मौजूद थे.

वहीं, पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से जांच की मांग की और दोषियों को फांसी देने की अपील की. पीड़िता के भाई ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, ‘हम उत्तर प्रदेश सरकार से कहेंगे कि न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को फांसी होनी चाहिए. डर की वजह से हम अंदर (घर के) हैं, प्रशासन ने बहुत दबाव डाला हुआ है.

बता दें कि परिवार वालों का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हम शव को अंतिम बार घर ले जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने हमें ऐसा करने नहीं दिया.