लखनऊ/देहरादून: उत्तराखंड के टिहरी जिले में बूढाकेदार क्षेत्र के कोट गांव में आज तड़के भारी बारिश के बाद पहाड़ी से हुए भूस्खलन के मलबे में दबने से चार व्यक्तियों की मौत हो गयी और एक घायल हो गया. बता दें कि लगातार छठे दिन भी बारिश राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में जलभराव और शहरों में भूस्खलन हो रहा है. Also Read - Covid-19: देश के इन 10 राज्‍यों में कोरोना वायरस संक्रमण से 77 फीसदी हुईं नई मौतें

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टिहरी जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के मलबे में अभी तीन और व्यक्ति दबे हुए हैं जिन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है. रात में तेज बारिश के बाद सुबह पहाडी से हुए भूस्खलन का मलबा तीन मकानों पर गिर पडा जिससे उसमें रहने वाले लोग दब गये. चार वयक्तियों के शव घटनास्थल से बरामद कर लिये गये हैं. उधर, घटना की सूचना मिलते ही मौके के लिए रवाना हो गये उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष तथा टिहरी के पूर्व विधायक किशोर उपाध्याय ने आरोप लगाया कि बूढाकेदार क्षेत्र आपदा के लिए संवेदनशील होने के बावजूद सरकार द्वारा ग्रामीणों को विस्थापित नहीं किया जा रहा है. उन्होंने आपदा में मारे गये व्यक्तियों के परिजनों को दस लाख रुपये देने तथा परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की भी राज्य सरकार से मांग की है.

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सीएम ने दिए राहत-बचाव में तेजी लाने के निर्देश

उधर, उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने टिहरी जिले के कोट गांव में भूस्खलन की घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को तेजी से राहत बचाव कार्य करने के निर्देश दिये हैं. साथ ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिये हैं कि शीघ्र ही घायलों की उचित इलाज की व्यवस्था एवं अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाय. इस पर जिलाधिकारी टिहरी सोनिका ने घटना स्थल पर जाकर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्‍होंने बताया कि एसडीआरएफ व क्यूआरटी द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है.