लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी. हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में राज्य सरकार के समक्ष विरोध पत्र दाखिल करने की छूट प्रदान की.Also Read - Coronavirus in Uttar Pradesh Update: यूपी में कम हो रहा कोरोना संक्रमण, 11 जिलों में नहीं दर्ज किए गए सक्रिय मामले

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सी.डी. सिंह की पीठ ने इस चरण में याचिकाकर्ता सुनीता शर्मा को किसी तरह की राहत देने से मना किया क्योंकि उन्होंने पहले राज्य सरकार से संपर्क किए बगैर जनहित याचिका दायर कर सीधे अदालत का रुख किया. याचिकाकर्ता ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने को चुनौती दी थी और अपनी याचिका में सरकार के उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी जिसके जरिए जिले का नाम बदला गया. Also Read - इंटरनेट सेंसेशन बना सीएम योगी का 'गुल्लू', तस्वीरें क्लिक करने के लिए दौड़ पड़े लोग

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कुंभ 2019 के नाम का भी मुद्दा उठाया

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने इस मुद्दे को भी उठाया कि अर्द्धकुंभ का नाम गलत ढंग से बदलकर कुंभ 2019 किया गया. हालांकि अदालत ने इस मुद्दे पर भी विचार करने से मना किया और याचिका खारिज कर दी क्योंकि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में न तो इस संबंध में कोई प्रार्थना की थी और न ही इस मुद्दे को उठाते हुए राज्य सरकार से संपर्क किया था.