लखनऊ/देहरादून: उत्‍तराखंड में रिवर राफ्टिंग और पैराग्‍लाइडिंग की इच्‍छा लेकर जाने वाले पर्यटकों को अब निराशा होगी. क्‍योंकि नैनीताल हाईकोर्ट ने सूबे की सभी नदियों में पानी से जुड़े खेलों पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने यह फैसला ऋषिकेश के सामाजिक कार्यकर्ता हरिओम कश्यप की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया है. Also Read - इस वृद्ध महिला ने जिंदगी भर की जमापूंजी 10 रुपए पीएम केयर्स फंड में दान दिए

नैनीताल हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव शर्मा और लोकपाल सिंह की बेंच ने यह फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को कहा है कि रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और अन्य पानी से खेलों के लिए राज्‍य सरकार उचित नीति तैयार करें. साथ ही कोर्ट ने कहा कि जबतक यह नीति बन नहीं जाती है तबतक राज्य में नदी राफ्टिंग और जल संबंधी अन्य खेलों की इजाजत नहीं होगी.. Also Read - Coronavirus Pandemic: उत्‍तराखंड में मंत्रियों-विधायकों की सैलरी में 30% कटौती, निधि में कमी

यह कहा गया याचिका में
खबरोंं के मुताबिक, ऋषिकेश के रहने वाले हरिओम कश्यप ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करके कहा था कि सरकार ने 2014 में भगवती काला और विरेंद्र सिंह को रिवर राफ्टिंग कैंप लगाने के लिए कुछ शर्तों के साथ लाइसेंस दिया था. लेकिन उन शर्तों का लगातार उल्लंघन किया गया. साथ ही गंगा नदी के किनारे रिवर राफ्टिंग के नाम पर कैंप लगाकर असमाजिक कार्य शुरू हो गए. इसके अलावा इन कैंप से निकला कूड़ा-करकट नदी में फेंका जाने लगा है. इससे पवित्र गंगा का पानी प्रदूषित हो रहा है. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोट ने सरकार से उचित नीति तैयार करने का आदेश दिया है. Also Read - 14 राज्यों में अब तक तबलीगी जमात के 647 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए: Health Ministry