अलीगढ़: अखिल भारतीय हिंदू महासभा की महासचिव पूजा शकुन पांडेय ने एससी एसटी अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधन का विरोध करते हुए कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इसके नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है. पांडे हाल ही में हिन्दू अदालत (हिन्दू कोर्ट आफ जस्टिस) का गठन कर चर्चा में आयी थी. उन्होंने राष्ट्रपति को खून से लिखे गए पत्र में कहा है कि सरकार उच्चतम न्यायालय के फैसले को यथावत रखे अन्यथा इच्छा मृत्यु की अनुमति दें.Also Read - Goa: पूर्व मुख्‍यमंत्री रवि नाइक ने दिया कांग्रेस के व‍िधायक पद से इस्तीफा, BJP में हो सकते हैं शामिल

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कल शुक्रवार को उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुये कहा कि उन्होंने पत्र में मोदी सरकार पर वोट बैंक राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से सामान्य जाति के लोगों को समाज में तिरस्कार सहना पड़ेगा. सरकार सामान्य जातियों के साथ भेदभाव कर रही है, जो सामाजिक हित में नहीं है. उन्होंने बताया कि इस पत्र में हिंदू महासभा के 14 अन्य नेताओं ने भी खून से हस्ताक्षर किए है.

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अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने भी इसका विरोध किया था. महासभा के अध्यक्ष महेश दत्त शर्मा ने कहा था कि एससी-एसटी एक्ट के मामले में सरकार को पुनः विचार करना चाहिए तथा सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जो व्यवस्था दी थी. वही पुनः लागू करनी चाहिए. सरकार को ऐसा कानून नहीं थोपना चाहिए, इससे हिंदू समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो. उन्होंने कहा कि विप्र समाज ने पिछड़े वर्ग की जातियों के विरोध में कभी भी कुछ गलत नहीं किया.