Home Isolation Permission in UP: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के मरीजों के लिए थोड़ी राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कोरोना मरीजों को घर में रहने की अनुमति दे दी है. यूपी में अब कोरोना मरीजों को अस्पताल में जाने की मजबूरी नहीं होगी. मरीजों का उनके घर पर ही इलाज किया जायेगा. सीएम ने अपने आदेश में ये फैसला किया है. सीएम योगी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाए. उन्होंने कहा कि बेहतर इम्युनिटी कोविड-19 से बचाव के लिए जरूरी. इससे पहले दिल्ली जैसे राज्यों में भी कोरोना मरीजों का इलाज उनके घरों पर ही किया जा रहा है.Also Read - Corona Virus: महाराष्ट्र में 6,017 नए मामले आए, 22 फरवरी के बाद सबसे कम

होम आइसोलेशन के लिए हैं ये शर्तें (Conditions for Home Isolation For Uttar Pradesh)
1. अगर कोई शख्स कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं होगी.
2. घर पर ही इलाज किया जा सकता है. मरीज को दवाईयां दी जाएंगी, जो चिकित्सकों के अनुसार खानी होंगी.
3. अगर कोई कोरोना का गंभीर मरीज है तो उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा.
4. होम आइसोलेशन के लिए उन्हीं संक्रमितों को होगी, जिनमें हलके लक्षण हैं या लक्षण हैं ही नहीं.
5. प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. संक्रमित मरीज को अलग कमरे में रहना होगा.
6. परिवार से अलग नहाने और फ्रेश होने का इंतज़ाम करना होगा, तभी ये अनुमति मिलेगी.
7. परिवार को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाएंगे.
8. समय-समय चिकित्सकों की टीम हाल-चाल लेगी. Also Read - केरल में बढ़ रहा जीका वायरस, दो और लोगों में संक्रमण की पुष्टि, अब तक 37 मामले आए

इन जिलों में भेजी जाएगी स्पेशल टीम
सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि कोविड-19 से होने वाली मृत्यु की दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए प्रभावी कार्यवाही करें. सीएम ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कान्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए. जिला लखनऊ, कानपुर नगर, बस्ती, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, बलिया, झांसी, मुरादाबाद एवं वाराणसी में चिकित्सकों की विशेष टीम भेजने के निर्देश दिए. Also Read - देश में अब तक 41 करोड़ लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन, जारी है अभियान: स्वास्थ्य मंत्रालय