कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आगरा जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से हाल में दिए गए नोटिस को लेकर शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार अपने विभागों के माध्यम से चाहे जितनी धमकी दे ले, लेकिन वह इंदिरा गांधी की पोती हैं और जनता के प्रति कर्तव्य निभाते हुए उनके सामने सच्चाई रखती रहेंगी.Also Read - Uttarakhand Elections 2022: अमित शाह ने रुद्र प्रयाग में किया प्रचार, काम के आधार पर मांगे वोट

उन्होंने ट्वीट किया, ‘जनता के एक सेवक के रूप में मेरा कर्तव्य यूपी की जनता के प्रति है और वह कर्तव्य सच्चाई को उनके सामने रखने का है. किसी सरकारी दुष्प्रचार को आगे रखना नहीं है.’ Also Read - BJP देश की सबसे अमीर पार्टी, बसपा दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर, जानें किसके पास कितनी संपत्ति

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘‘उप्र सरकार अपने अन्य विभागों द्वारा मुझे फिज़ूल की धमकियां देकर अपना समय व्यर्थ कर रही है. जो भी कार्यवाही करना चाहते हैं, बेशक करें. मैं सच्चाई सामने रखती रहूंगी. मैं इंदिरा गांधी की पोती हूं, कुछ विपक्ष के नेताओं की तरह भाजपा की अघोषित प्रवक्ता नहीं.’’ Also Read - नवजोत सिंह सिद्दू पर US से 'बहन' ने लगाया 'मां' को बेसहारा छोड़ने का आरोप, पत्‍नी बोली- मैं उन्‍हें नहीं जानती

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रियंका को कानपुर स्थित बालिका संरक्षण गृह से जुड़े मामले पर ‘भ्रामक’ टिप्पणी करने के आरोप में बृहस्पतिवार को एक नोटिस भेजा और उनसे तीन दिन के अंदर जवाब मांग है.

नोटिस में कहा गया है कि अगर वह अपनी पोस्ट का खंडन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

कुछ दिनों पहले आगरा के एक मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के भीतर 28 लोगों की मौत के दावे को लेकर प्रियंका द्वारा किए गए ट्वीट पर भी जिला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी किया था.