प्रयागराज. उर्वरक क्षेत्र में सहकारिता की दिग्गज इफ्को के प्रबंध निदेशक डॉक्टर यू.एस. अवस्थी ने बुधवार को कहा कि कंपनी का नैनो फर्टिलाइजर कृषि जगत में क्रांति लेकर आएगा. उन्होंने कहा कि यह पेटेंटशुदा होगा और दो ग्राम नैनो फर्टिलाइजर 100 किलोग्राम यूरिया के बराबर काम करेगा.

यहां इफ्को की फूलपुर इकाई में संवाददाताओं से बातचीत में अवस्थी ने कहा, “किसान की उत्पादन लागत के लिहाज से यह क्रांतिकारी कदम होगा. साथ ही यह मिट्टी के असंतुलन में भी कमी लाएगा. इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है और दो साल में इसका पेटेंट मिलने की संभावना है.”

उन्होंने बताया कि प्रयोग के तौर पर एक जगह पर 100 प्रतिशत नैनो फर्टिलाइजर का उपयोग किया, जबकि दूसरी जगह 25 प्रतिशत यूरिया डाला गया और 75 प्रतिशन नैनो फर्टिलाइजर डाला गया और दोनों ही जगह उपज में कोई कमी नहीं आई. अवस्थी ने बताया कि इफ्को ने गुजरात के कलोल संयंत्र में नैनो फर्टिलाइजर के लिए एक प्रयोगशाला स्थापित की है.

उन्होंने बताया कि इफ्को ने देशभर में नीम के 45 लाख पेड़ लगाए हैं और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अनुसंधान करा रहे हैं, जिससे नीम का पेड़ पांच साल में खड़ा हो जाए. अभी नीम का पेड़ तैयार होने में 10 वर्ष लगते हैं. अवस्थी ने बताया कि इफ्को सिक्किम सरकार के साथ मिलकर एक संयंत्र लगा रहा है जहां जैविक उत्पादों को प्रसंस्कृत कर बेचा जाएगा. पंजाब में स्पैनिश टेक्नोलाजी से एक संयंत्र लगाया जा रहा है, जहां सब्जियों को फ्रीज करके रखा जाएगा और उसका निर्यात किया जाएगा.

(इनपुट – एजेंसी)